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इंजीनियर्स ने देश की धमक विदेश तक पैदा की

Thu, 15 Sep 2022 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Sep 2022 12:03 AM IST
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Engineers created the threat of the country till abroad
इंजीनियर्स डे- इं.इंद्रेश कुमार पांडेय - फोटो : BHADOHI
भदोही। मखमली कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध कालीन नगरी के युवा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी जनपद को गौरवान्वित कर रहे हैं। देश ही नहीं विदेशों में अपनी छाप छोड़कर युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यही कारण है कि आईएएस, आईपीएस, चिकित्सा संग इंजीनियरिंग को युवा अपने कैरियर के रूप में चुन रहे हैं। देश में हर साल 15 सितंबर को अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) मनाया जाता है। इंजीनियर दिवस इसलिए भी महत्व का दिन है क्योंकि इस दिन से युवा न केवल प्रेरित होते हैं बल्कि उनमें इंजीनियर बनने की ललक पैदा होती है। बीते कुछ वर्षों की भदोही जनपद ने भी इंजीनियरों की खेप पैदा की है। आज भदोही के इंजीनियरों ने अमरीका, कनाडा, दुबई जैसे शहरों में एक मुकाम बना लिया है। नगर स्थित भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) ने हालांकि देश भर के युवाओं को प्रशिक्षित किया है लेकिन इसका लाभ भदोही के युवकों को भी मिला है। मदर हलीमा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डा.मोबीन अशरफ बताते हैं कि महान अभियंता भारत रत्न, मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन को ही इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है। वे देश के महान इंजीनियरों में से एक थे। आधुनिक भारत की रचना का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। सीतामढ़ी के कोनिया के कलातुलसी गांव निवासी हृदय नारायण पांडेय के पुत्र इंद्रेश कुमार पांडेय बीते 10 वर्षों से कनाडा में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर देश और जनपद को गौरवान्वित कर रहे हैं। इंद्रेश को हिंदी और हिंदुस्तान से लगाव है। उनके भाई राजपति पांडेय ने बताया कि कनाडा में उनकी कंपनी ने उनपर बड़ी जिम्मेदारी दी है तथा एशिया समेत खाड़ी देशों में भी काम देखते हैं। परिजनों ने बताया कि अवसर मिलने पर घर आते हैं। भदोही नगर निवासी परवेज अंसारी के पुत्र ताहा परवेज ने प्रारंभिक पढ़ाई मदर हलीमा पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने आईआईसीटी में कारपेट टेक्नोलाजी में चार वर्षीय बीटेक किया। कोर्स पूरा होने के प्रथम तीन वर्ष तक उन्होंने देश में बंगाल, गुजरात और दिल्ली में नौकरी की। इसके बाद दुबई की मल्टी नेशनल कंपनी से जाब आफर मिलने के बाद दुबई चले गए। मौजूदा समय में दुबई में ही रह रहे हैं और आते-जाते रहते हैं। भदोही नगर के सिविल लाइंस पावर हाउस रोड निवासी जय विश्वकर्मा ने 12वीं तक वुडवर्ड पब्लिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर चंडीगढ़ युनिवर्सिटी से कंप्युटर साइंस में चार वर्षीय बीटेक कोर्स किया। गत एक वर्ष से वे बंगलुरु की मल्टी नेशनल कंपनी के लिए काम कर रहे हैं। बताया कोविड काल से उनका वर्क फ्राम होम चल रहा है और भदोही में ही रह कर कार्यरत है। उनके पिता राजेश विश्वकर्मा कहते हैं कि आज के दौर में इंजीनियरिंग की ओर रुझान बढ़ा है।

इंजीनियर्स डे- ताहा परवेज

इंजीनियर्स डे- ताहा परवेज- फोटो : BHADOHI

इंजीनियर्स डे- जय विश्वकर्मा

इंजीनियर्स डे- जय विश्वकर्मा- फोटो : BHADOHI

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