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Bhadohi News: दुलमदासपुर में 10.52 लाख का गबन, रिकवरी का आदेश

Mon, 02 Sep 2024 11:59 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2024 11:59 PM IST
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Embezzlement of Rs 10.52 lakh in Dulmadaspur, recovery order
ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के दुलमदासपुर ग्राम पंचायत में हैंडपंप मरम्मत, खड़ंजा समेत अन्य विकास कार्य में 10.52 लाख की अनियमितता की गई। 2016 से लेकर 2021 तक हुए कार्य में सचिव और ग्राम प्रधान की तरफ से मनमानी की गई। अधिकारियों की जांच आख्या पर पूर्व में पंचायत राज विभाग ने पूर्व प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब में सही तथ्य न दे पाने पर डीएम विशाल सिंह ने 5.26 लाख पूर्व प्रधान और दो सचिवों से आधी रकम की रिकवरी का आदेश दिया।
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दुलमदासपुर गांव निवासी गणेश पांडेय एवं ग्रामीणों ने साल 2022 में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव में 2016-17, 2017-18 से लेकर 2020-21 तक हैंडपंप मरम्मत, साइन बोर्ड, खड़ंजा निर्माण सहित अन्य विकास कार्य में धांधली की गई। डीएम ने मामले की तत्कालीन जिला एवं अर्थ संख्या अधिकारी और अवर अभियंता डीआरडीए की दो सदस्यीय टीम से जांच कराई।
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जिसमें 10.52 लाख की अनियमितता मिली। जांच आख्या के आधार पर पंचायत राज विभाग ने पूर्व प्रधान मेहरूनिशा एवं सचिवों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मार्च 2024 में पूर्व प्रधान ने जांच रिपोर्ट पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन अफसरों के परीक्षण में जवाब सत्य नहीं मिला। जहां-जहां हैंडपंप मरम्मत की बात कही गई। उसमें कई की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई।
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इसी तरह मनरेगा, भूमिगत नाली और साइन बोर्ड लगाने के कार्य में भी अनियमितता मिली। करीमुल्ला के घर से मुंशी के कारखाने तक खड़ंजा निर्माण के लिए दो लाख 30 हजार का आगणन स्वीकृत कराया गया। दो लाख 24 हजार की एमवी हुई। सत्यापन में एक लाख सात हजार 713 रुपये अधिक खर्च किया गया।

पूर्व प्रधान और सचिव की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण परीक्षण में फेल हो गया। डीएम विशाल सिंह ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम एवं नियमावली 1947 का प्रयोग करते हुए पूर्व प्रधान मेहरूनिशा से पांच लाख 26 हजार, पूर्व सचिव राजेश बिंद से एक लाख 21 हजार 545 और पूर्व सचिव दिलीप कुमार से चार लाख 4 हजार 970 रुपये की रिकवरी का आदेश दिया। उन्होंने एसडीएम भदोही को निर्देश दिया कि पूर्व प्रधान और सचिवों से भू-राजस्व की तरह वसूली की जाए।
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