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इलेक्ट्रानिक बाजार: लॉकडाउन में हुआ बेजार
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ज्ञानपुर। लॉकडाउन के कारण इलेक्ट्रानिक बाजार पूरी तरह से बेजार हो चुका है। दो माह में करीब 40 से 45 करोड़ की कारोबारियों को चपत लगी। दुकानें खुल गई लेकिन अब भी ग्राहकों का इंतजार हो रहा है। व्यापारियों की माने तो इसकी भरपाई पूरे साल में नहीं हो सकेगी।
कोरोना वायरस महामारी के कारण दो माह पांच दिनों से देश लॉकडाउन है। करीब एक महीने तक सख्ती अधिक होने से दुकानें बंद रहीं। अप्रैल-मई और जून महीने में शादी विवाह का सीजन और गर्मी के कारण इलेक्ट्रानिक बाजार बूम रहता है। टीवी, फ्रीज, कूलर, पंखे समेत अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी की जाती, लेकिन लॉकडाउन से व्यापारियों की उम्मीदें टूट गईं। लॉकडाउन ने इलेक्ट्रॉनिक गुड्स के बाजार को बुरी तरह से प्रभावित किया है। विक्रेताओं ने बताया कि आने वाले मौसम के लिए दिसंबर से ही स्टॉक तैयारी की जाती है, लेकिन इस बार पुराने स्टॉक पड़े रह गए। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में सौ बड़ी जबकि 400 छोटी इलेक्ट्रानिक की दुकानें हैं। तीसरे और चौथे चरण के लॉकडाउन में दुकानें खुली जरूर हैं लेकिन ग्राहकों की संख्या नाममात्र की रह गई है। व्यापारियों की माने तो 10 से 20 फीसदी ही कारोबार इस समय हो पा रहा है।
- लॉकडाउन के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है। दो महीने में 40 से 45 करोड़ का नुकसान हुआ। दुकानों में रखे गए कर्मचारियों को भी मानदेय दिया गया। सरकार की ओर से कोई पैकेज राहत दिया जाए तो व्यापार बेहतर हो- मनीष श्रीवास्तव
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- अप्रैल से ही शादी विवाह का सीजन शुरू होता है। 24 मार्च से ही लॉकडाउन शुरू हो गया। अधिकतर शादियां निरस्त होने से दुकानदारी पूरी तरह प्रभावित हुई। 15 दिनों से दुकानें खुली हैं लेकिन ग्राहक ही नहीं दिखते हैं।- उत्तम पाठक
- शादी-विवाह के सीजन में प्रतिदिन दुकान पर भीड़ रहती थी। दो से तीन लाख का कारोबार होता था, लेकिन अब 15 हजार भी कारोबार नहीं हो पा रहा है। कोविड-19 के डर से ग्राहक भी दुकानों पर आने से कतराते हैं। -राजेश मौर्य
- लॉकडाउन में एक महीने की सख्ती से दुकानें पूरी तरह बंद रही। सरकार की तरफ से राहत मिली है, लेकिन दुकानदारी अब भी प्रभावित है। कर्मचारियों का मानदेय निकालना भी मुश्किल है। - राजू श्रीवास्तव
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कोरोना वायरस महामारी के कारण दो माह पांच दिनों से देश लॉकडाउन है। करीब एक महीने तक सख्ती अधिक होने से दुकानें बंद रहीं। अप्रैल-मई और जून महीने में शादी विवाह का सीजन और गर्मी के कारण इलेक्ट्रानिक बाजार बूम रहता है। टीवी, फ्रीज, कूलर, पंखे समेत अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी की जाती, लेकिन लॉकडाउन से व्यापारियों की उम्मीदें टूट गईं। लॉकडाउन ने इलेक्ट्रॉनिक गुड्स के बाजार को बुरी तरह से प्रभावित किया है। विक्रेताओं ने बताया कि आने वाले मौसम के लिए दिसंबर से ही स्टॉक तैयारी की जाती है, लेकिन इस बार पुराने स्टॉक पड़े रह गए। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में सौ बड़ी जबकि 400 छोटी इलेक्ट्रानिक की दुकानें हैं। तीसरे और चौथे चरण के लॉकडाउन में दुकानें खुली जरूर हैं लेकिन ग्राहकों की संख्या नाममात्र की रह गई है। व्यापारियों की माने तो 10 से 20 फीसदी ही कारोबार इस समय हो पा रहा है।
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- लॉकडाउन के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है। दो महीने में 40 से 45 करोड़ का नुकसान हुआ। दुकानों में रखे गए कर्मचारियों को भी मानदेय दिया गया। सरकार की ओर से कोई पैकेज राहत दिया जाए तो व्यापार बेहतर हो- मनीष श्रीवास्तव
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- अप्रैल से ही शादी विवाह का सीजन शुरू होता है। 24 मार्च से ही लॉकडाउन शुरू हो गया। अधिकतर शादियां निरस्त होने से दुकानदारी पूरी तरह प्रभावित हुई। 15 दिनों से दुकानें खुली हैं लेकिन ग्राहक ही नहीं दिखते हैं।- उत्तम पाठक
- शादी-विवाह के सीजन में प्रतिदिन दुकान पर भीड़ रहती थी। दो से तीन लाख का कारोबार होता था, लेकिन अब 15 हजार भी कारोबार नहीं हो पा रहा है। कोविड-19 के डर से ग्राहक भी दुकानों पर आने से कतराते हैं। -राजेश मौर्य
- लॉकडाउन में एक महीने की सख्ती से दुकानें पूरी तरह बंद रही। सरकार की तरफ से राहत मिली है, लेकिन दुकानदारी अब भी प्रभावित है। कर्मचारियों का मानदेय निकालना भी मुश्किल है। - राजू श्रीवास्तव