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ठंड लगने से अधेड़ की मौत
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ठंड लगने से अधेड़ की मौत
ज्ञानपुर/वहिदानगर। मौसम विभाग की ओर से बारिश होने का संकेत मिलने के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। उधर ठंड का असर भी बरकरार है। कोइरौना थानाक्षेत्र के मठहां गांव निवासी अधेड़ की ठंड लगने से मौत हो गई।
चार दिनों से जिले में कोहरे का असर खत्म न होने के साथ ही ठंड ने भी रंगत दिखाई है। बुधवार को कोइरौना थानाक्षेत्र क मठहां गांव निवासी श्यामलाल प्रजापति (55) की ठंड लगने से मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। श्यामलाल गत एक वर्ष से प्रतिदिन उड़िया बाबा आश्रम गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचते थे। बुधवार को सुबह स्नान कर घर पहुंचे तो तबीयत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर घर वालों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने शीत लगने के कारण मौत होने की बात कही। अब तक जिले में ठंड लगने से 10 मौतें हो चुकी हैं। दूसरी ओर बुधवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। आसमान में बादलों की दस्तक बढ़ने के चलते दिन में ठंडक कम रही, लेकिन शाम ढलते ही पारा लुढ़कने से लोग अलाव से चिपके देखे गए। राजमार्ग से लेकर सहायक मार्गों पर दौड़ने वाले छोटे-बड़े वाहन कोहरे में हेडलाइट जलाकर चलते रहे। बाजारों में गर्म कपड़ों की खरीदारी में भी तेजी बनी रही। गेहूं की फसल की सिंचाई कर चुके किसान खेतों में पहुंच कर खाद और कीटनाशकों के छिड़काव किया। कुछ किसान इस इंतजार में है कि दूसरी सिंचाई कर दिया तो होने वाली बारिश से फसल में पीलापन का प्रकोप कहीं क्षति न पहुंचा दे। फूल लेती तिलहनी, दलहनी फसलों के लिए कोहरा और बारिश नुकसान पहुंचा सकती है। गेहूं फसल की प्रथम सिंचाई के लिए बारिश लाभदायक होगी।
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ज्ञानपुर/वहिदानगर। मौसम विभाग की ओर से बारिश होने का संकेत मिलने के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। उधर ठंड का असर भी बरकरार है। कोइरौना थानाक्षेत्र के मठहां गांव निवासी अधेड़ की ठंड लगने से मौत हो गई।
चार दिनों से जिले में कोहरे का असर खत्म न होने के साथ ही ठंड ने भी रंगत दिखाई है। बुधवार को कोइरौना थानाक्षेत्र क मठहां गांव निवासी श्यामलाल प्रजापति (55) की ठंड लगने से मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। श्यामलाल गत एक वर्ष से प्रतिदिन उड़िया बाबा आश्रम गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचते थे। बुधवार को सुबह स्नान कर घर पहुंचे तो तबीयत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर घर वालों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने शीत लगने के कारण मौत होने की बात कही। अब तक जिले में ठंड लगने से 10 मौतें हो चुकी हैं। दूसरी ओर बुधवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। आसमान में बादलों की दस्तक बढ़ने के चलते दिन में ठंडक कम रही, लेकिन शाम ढलते ही पारा लुढ़कने से लोग अलाव से चिपके देखे गए। राजमार्ग से लेकर सहायक मार्गों पर दौड़ने वाले छोटे-बड़े वाहन कोहरे में हेडलाइट जलाकर चलते रहे। बाजारों में गर्म कपड़ों की खरीदारी में भी तेजी बनी रही। गेहूं की फसल की सिंचाई कर चुके किसान खेतों में पहुंच कर खाद और कीटनाशकों के छिड़काव किया। कुछ किसान इस इंतजार में है कि दूसरी सिंचाई कर दिया तो होने वाली बारिश से फसल में पीलापन का प्रकोप कहीं क्षति न पहुंचा दे। फूल लेती तिलहनी, दलहनी फसलों के लिए कोहरा और बारिश नुकसान पहुंचा सकती है। गेहूं फसल की प्रथम सिंचाई के लिए बारिश लाभदायक होगी।
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