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एकहि बान प्रान हरी लीन्हा....

Thu, 29 Sep 2022 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Sep 2022 12:36 AM IST
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Ekhi ban pran hari leenha....
अमीरपट्टी की रामलीला में मंचन करते कलाकार। संवाद - फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर/घोसिया। एकहि बान प्रान हरी लीन्हा, दीन जान तेहि निज पद दीन्हा...महर्षि विश्वामित्र के साथ जा रहे प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को जैसे ही ताड़का भयभीत कर खाने को हुई, वैसे ही प्रभु श्रीराम ने एक बाण से उसका वध कर दिया। घोसिया की प्रसिद्ध आदर्श रामलीला समिति में मंगलवार को ताड़का वध और मिथिला दर्शन की लीला का मंचन हुआ। महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा के लिए प्रभु श्रीराम माता कौशल्या से विदा लिये। रास्ते में ताड़का वध कर आगे बढ़े श्रीराम और लक्ष्मण ने मारीच-सुबाहु की विशाल सेना को मारकर महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की। इसके बाद प्रभु ने माता अहिल्या का उद्धार किया। महर्षि विश्वामित्र, राम-लक्ष्मण को लेकर जनकपुर पहुंचे। जनकपुर दर्शन के लिए निकले श्रीराम-लक्ष्मण को देख पूरा मिथिला भाव-विभोर हो गया। लीला के बाद समितियों ने भक्तों में प्रसाद का वितरण किया। मौके पर अध्यक्ष कुन्दन प्रसाद बरनवाल, दीना नाथ, विश्वंभरनाथ ,राजेश, निवास, दिलीप, नंदलाल, नीरज जायसवाल, नीतीश, रजत सहित अन्य रहे। गोपीगंज में बाबा बड़े शिव धाम में आयोजित रामलीला प्रभु श्रीराम के वनगमन की झांकी दिखाई गई। माता के साथ श्रीराम-लक्ष्मण के वनगमन को देखकर लीला प्रेमियों की आंखें छलक उठी। जिस घड़ी का देवताओं को इंतजार था, वह आ ही गयी। राम अयोध्या से माता-पिता गुरु और अयोध्या वासियों की आज्ञा लेकर उनसे विदा लिया। प्रभु राम के वन जाने की खबर मिलते ही अयोध्यावासी शोक में डूब गये। दूसरी तरफ लंका में रावण के बुरे सपने आने शुरू हो गये। सूरियवां की रामलीला के तीसरे दिन अहिल्या उद्धार, मीना बाजार की लीला का मंचन हुआ। प्रभु ने अपने चरणों के स्पर्श से मां अहिल्या का उद्धार किया। इसके बाद भगवान राम वह गंगा तट पर विश्राम करते हैं। उत्सुकतावश गुरु विश्वामित्र से नदी के विषय में जानकारी लेते हैं। गुरु विश्वामित्र दोनों भाइयों को गंगा जी के महात्म्य व अवतरण की कथा बताते हैं। अध्यापक राजकुमार सेठ व रामाकांत गुप्ता ने भगवान की आरती की। मौके पर अवधेश ऊमर, अश्वनी साहू, अशोक ऊमर, जय कुमार, गुड्डु मोदनवल, विवेक, नमन, छेदीलाल, सुरेश, रमेश सहित अन्य रहे।
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