फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Early to say before GST

जीएसटी लागू होने से पूर्व कुछ कहना जल्दबाजी  

Fri, 05 Aug 2016 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही Updated Fri, 05 Aug 2016 02:09 AM IST
विज्ञापन
 वस्तु एवं सेवा शुल्क (जीएसटी) के प्रावधानों और नियमों से कालीन उद्यमी और व्यापारी अनभिज्ञ हैं। हालांकि जीएसटी में कागजी काम बंद            हो जाने और कामकाज में पारदर्शिता आने को लोग भारी राहत के रूप में देख रहे हैं। इस बावत उप्र निर्यात संवर्धन परिषद के उपाध्यक्ष विनय कपूर मानते          हैं जीएसटी से व्यवसाईयों का समय बचेगा। हालांकि अलग अलग उत्पादों पर जीएसटी की दरें क्यां होगी इसका अभी इंतजार करना होगा। उम्मीद जताई कि इससे व्यापारियों के दोहन पर लगाम लगेगा। 
विज्ञापन

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के द्वितीय उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल रब अंसारी ने कहा कि जीएसटी के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। क्योंकि इसके लागू होने के बाद इस पर कार्यशालाएं और संगोष्ठी के माध्यम से लोगों को जागरुक करना होगा। जब आम आदमी के मन में भ्रांतियां खत्म हो जाएंगी तो जरूर इसके गुण-दोष पर चर्चा हो सकेगी। प्रमुख कालीन निर्यातक हाजी अब्दुल सत्तार अंसारी ने  कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लागू होने के बाद व्यापारियों या आम आदमी को केवल एक टैक्स देना होगा।  बाकी सभी टैक्स खत्म हो जाएंगे। जीएसटी के जो प्रावधान पिछले कुछ दिनों में पढ़ने को मिले हैं उससे तो आम व्यापारी को           राहत होगी। लेकिन इसके लागू होने के बाद ही कुछ कहा             जा सकेगा। एकमा के मानद सचिव, पियूष बरनवाल का मानना है कि जीएसटी में भुगतान की प्रक्रिया आसान होने के साथ साथ कागजी कार्रवाई पर विराम लग जाएगा। यह भारी राहत वाली बात है। वैट जैसे अन्य कई प्रकार के कर भी खत्म हो जाएंगे लेकिन उनके स्थान पर क्या टैक्स देना होगा इसकी जानकारी के बाद ही बहुत कुछ कहा जा सकेगा।  
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed