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कालीनों पर ड्यूटी ड्राबैक दरें बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Wed, 02 Nov 2016 01:15 AM IST
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केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने तीन प्रकार के कालीनों पर ड्राबैक की दरों में निर्यातकों को राहत प्रदान की है। मंत्रालय ने ऊनी, सिल्क कालीनों की ड्राबैक दरें यथावत रखते हुए उन पर मिलने वाली ड्राबैक की अधिकतम सीमा को आंशिक रूप से बढ़ा दिया है। जबकि सिंथेटिक यार्न से बने सभी कालीनों पर 0.3 प्रतिशत तक ड्राबैक बढ़ाया है। इससे कालीन उत्पादकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है। कहा जा रहा है कि सरकार ने कालीन उद्योग के लिए अच्छे संकेत दिए हैं।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन कुलदीप राज वाटल ने मंगलवार की शाम बताया कि यह हम लोगों का प्रयास ही था कि सरकार ने राहत प्रदान किया है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर बताया कि हस्तनिर्मित ऊनी कालीनों पर ड्राबैक की दरेें हालांकि पूर्वत 9.20 प्रतिशत ही होगी लेकिन अधिकतम सीमा 728 रुपये प्रति मीटर से बढ़ाकर 754 रुपये कर दिया है। पूर्णत: सिल्क कालीनों पर 10.70 प्रतिशत अब भी मिलेगा लेकिन नई दरों में अधिकतम सीमा कैप को 4040 रुपये प्रति मीटर से बढ़ाकर 4150 रुपये कर दिया है। इसी के साथ सिंथेटिक यार्न (विस्कोस, आर्ट सिल्क) आदि से बनने वाले सभी प्रकार के कालीनों की ड्राबैक 0.3 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाकी के कालीनों पर मिलने वाली ड्राबैक दरों को यथावत रखा गया है।
परिषद के द्वितीय उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल रब अंसारी ने कहा कि हम सबके के सामने दरों को बनाए रखना आसान काम नहीं था लेकिन हम लोगों ने उचित और अनुकूल प्रतिनिधित्व देकर वाणिज्य मंत्रालय को उद्योग की स्थिति से अवगत कराते हुए ऐसा कर पाए यह बड़ी बात है
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कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन कुलदीप राज वाटल ने मंगलवार की शाम बताया कि यह हम लोगों का प्रयास ही था कि सरकार ने राहत प्रदान किया है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर बताया कि हस्तनिर्मित ऊनी कालीनों पर ड्राबैक की दरेें हालांकि पूर्वत 9.20 प्रतिशत ही होगी लेकिन अधिकतम सीमा 728 रुपये प्रति मीटर से बढ़ाकर 754 रुपये कर दिया है। पूर्णत: सिल्क कालीनों पर 10.70 प्रतिशत अब भी मिलेगा लेकिन नई दरों में अधिकतम सीमा कैप को 4040 रुपये प्रति मीटर से बढ़ाकर 4150 रुपये कर दिया है। इसी के साथ सिंथेटिक यार्न (विस्कोस, आर्ट सिल्क) आदि से बनने वाले सभी प्रकार के कालीनों की ड्राबैक 0.3 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाकी के कालीनों पर मिलने वाली ड्राबैक दरों को यथावत रखा गया है।
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परिषद के द्वितीय उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल रब अंसारी ने कहा कि हम सबके के सामने दरों को बनाए रखना आसान काम नहीं था लेकिन हम लोगों ने उचित और अनुकूल प्रतिनिधित्व देकर वाणिज्य मंत्रालय को उद्योग की स्थिति से अवगत कराते हुए ऐसा कर पाए यह बड़ी बात है
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