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पेयजल संकट: दो माह से आपूर्ति ठप, ठेले से ढो रहे पानी
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अफसरों की लापरवाही से नगर के वार्ड दो छोटाडीह और बड़ाडीह में पेयजल संकट दो महीने बाद भी दूर नहीं हो सका। आलम यह है कि 500 से 600 मीटर दूर हैंडपंप से पानी भरकर लोग ठेले से अपने घर ला रहे हैं। एक या दो दिन नहीं बल्कि दो महीने से लोगों की दिनचर्या यहीं बन गई है। चुनावी अधिसूचना का हवाला देने वाले अधिकारी एक महीने बाद भी भ्रष्ट नलकूप के स्थान पर दूसरी बोरिंग नहीं करा सके।
भीषण गर्मी में पेयजल संकट को लेकर सरकार गंभीर है। खराब हैंडपंपों, पेयजल इकाइयों को सुधारा जा रहा है। पशु-पक्षियों के लिए नहरों और तालाबों में पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन ज्ञानपुर नगर के वार्ड दो छोटाडीह और बड़ाडीह में पानी की जटिल समस्या को लेकर अधिकारी से लेकर नेता भी संजीदा नहीं है। वार्ड दो में पानी की आपूर्ति के लिए छोटा ट्यूबवेल स्थापित है। अप्रैल में तकनीकी खामी से इसका बोरिंग भ्रष्ट हो गया। नागरिकों ने शिकायत की तो सुधार का आश्वासन मिला, लेकिन उसके बाद निकाय चुनाव की अधिसूचना लग गई। अधिकारियों ने अधिसूचना जारी होने का हवाला दिया तो नागरिकों ने चुनाव बाद सुधार होने की उम्मीद लगाई। 13 मई को मतगणना होने पर अधिसूचना भी समाप्त हो गई, लेकिन अब तक इस नलकूप को सही नहीं कराया गया। बोरिंग के लिए जमीन चिन्हित और बजट स्वीकृत होने के बाद भी अफसरों की लापरवाही से करीब डेढ़ हजार की आबादी पानी के लिए भटक रही है। हर रोज सुबह शाम ठेले से हैंडपंप पर लाइन लगाकर पानी भरा जा रहा है।
वर्तमान संकट बिजली कटौती के कारण उत्पन्न हुआ है। इसके बाद भी वार्ड में ट्यूबवेल बैठाने के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। जल्द ही बोरिंग का कार्य शुरू होगा। पता चला है कि वार्ड में पानी धीमी गति से जाता है। ऐसे में कुछ ही घरों में पेयजल की गंभीर समस्या है। - राजेन्द्र कुमार दुबे, ईओ, ज्ञानपुर।
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भीषण गर्मी में पेयजल संकट को लेकर सरकार गंभीर है। खराब हैंडपंपों, पेयजल इकाइयों को सुधारा जा रहा है। पशु-पक्षियों के लिए नहरों और तालाबों में पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन ज्ञानपुर नगर के वार्ड दो छोटाडीह और बड़ाडीह में पानी की जटिल समस्या को लेकर अधिकारी से लेकर नेता भी संजीदा नहीं है। वार्ड दो में पानी की आपूर्ति के लिए छोटा ट्यूबवेल स्थापित है। अप्रैल में तकनीकी खामी से इसका बोरिंग भ्रष्ट हो गया। नागरिकों ने शिकायत की तो सुधार का आश्वासन मिला, लेकिन उसके बाद निकाय चुनाव की अधिसूचना लग गई। अधिकारियों ने अधिसूचना जारी होने का हवाला दिया तो नागरिकों ने चुनाव बाद सुधार होने की उम्मीद लगाई। 13 मई को मतगणना होने पर अधिसूचना भी समाप्त हो गई, लेकिन अब तक इस नलकूप को सही नहीं कराया गया। बोरिंग के लिए जमीन चिन्हित और बजट स्वीकृत होने के बाद भी अफसरों की लापरवाही से करीब डेढ़ हजार की आबादी पानी के लिए भटक रही है। हर रोज सुबह शाम ठेले से हैंडपंप पर लाइन लगाकर पानी भरा जा रहा है।
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वर्तमान संकट बिजली कटौती के कारण उत्पन्न हुआ है। इसके बाद भी वार्ड में ट्यूबवेल बैठाने के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। जल्द ही बोरिंग का कार्य शुरू होगा। पता चला है कि वार्ड में पानी धीमी गति से जाता है। ऐसे में कुछ ही घरों में पेयजल की गंभीर समस्या है। - राजेन्द्र कुमार दुबे, ईओ, ज्ञानपुर।
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