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Bhadohi News: निजी अस्पताल के डॉक्टर भी जिले में करेंगे निवास
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स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल के चिकित्सकों को जिले में निवास करने के लिए आदेश जारी किया है। जिले में कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो रात्रि निवास नहीं करते हैं। ऑपरेशन के बाद वे वाराणसी-प्रयागराज चले जाते हैं। यहां अप्रशिक्षित के हाथों में मरीज की देखभाल होती है।
जिले में करीब 140 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक संचालित हैं। ज्ञानपुर, भदोही, गोपीगंज, घोसिया, खमरियां, सुरियावां, घोसिया आदि स्थानों पर अस्पताल संचालित हैं। इसमें से कई डॉक्टर ऐसे हैं, जो जिले में निवास नहीं करते हैं। इसकी सूचना भी सीएमओ कार्यालय में नहीं दी गई है, जबकि नियम हैं कि रजिस्ट्रेशन पत्रक में डॉक्टर को दो पता लिखना पड़ता है, एक स्थायी और दूसरा अस्थायी है। इसमें अस्थायी पता जिले का होता है, ताकि कभी इमरजेंसी पड़ने पर डॉक्टर निवास कर सकें। ऑपरेशन के बाद मरीज डॉक्टर, विशेषज्ञ की निगरानी में होने चाहिए। लेकिन कई डॉक्टर ऑपरेशन करने के बाद गायब हो जाते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चिकित्सकों को रात्रि निवास के लिए पत्र जारी किया गया है।
सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। निजी अस्पताल के चिकित्सकों को जिले में निवास करने के लिए पत्र जारी किया गया है। इसको प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही टीमें मौके पर जाकर देखेंगी। - डॉ. ओपी शुक्ला, प्रभारी सीएमओ।
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जिले में करीब 140 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक संचालित हैं। ज्ञानपुर, भदोही, गोपीगंज, घोसिया, खमरियां, सुरियावां, घोसिया आदि स्थानों पर अस्पताल संचालित हैं। इसमें से कई डॉक्टर ऐसे हैं, जो जिले में निवास नहीं करते हैं। इसकी सूचना भी सीएमओ कार्यालय में नहीं दी गई है, जबकि नियम हैं कि रजिस्ट्रेशन पत्रक में डॉक्टर को दो पता लिखना पड़ता है, एक स्थायी और दूसरा अस्थायी है। इसमें अस्थायी पता जिले का होता है, ताकि कभी इमरजेंसी पड़ने पर डॉक्टर निवास कर सकें। ऑपरेशन के बाद मरीज डॉक्टर, विशेषज्ञ की निगरानी में होने चाहिए। लेकिन कई डॉक्टर ऑपरेशन करने के बाद गायब हो जाते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चिकित्सकों को रात्रि निवास के लिए पत्र जारी किया गया है।
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सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। निजी अस्पताल के चिकित्सकों को जिले में निवास करने के लिए पत्र जारी किया गया है। इसको प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही टीमें मौके पर जाकर देखेंगी। - डॉ. ओपी शुक्ला, प्रभारी सीएमओ।
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