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Bhadohi News: आंधी-बारिश के बीच गुल हुई जिला अस्पताल की बिजली, मोबाइल की रोशनी में मरीज का इलाज
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जिला अस्पताल नए भवन स्थित हड्डी वार्ड में मोबाइल की रोशनी में रिपोर्ट देखते हड्डी रोग विशेषज्
आंधी-बारिश से बुधवार की शाम जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। आधे घंटे तक अस्पताल की बिजली गुल रही। हड्डी वार्ड में चिकित्सकों ने मोबाइल की रोशनी में लोगों की जांच की। हालांकि इमरजेंस वार्ड में इनवर्टर का बैकअप मिलने से सुविधा रही।
आर्थों सर्जन डॉक्टर संतोष चौधरी वार्ड में राउंड कर रहे थे। बिजली कटने से मोबाइल की रोशनी में मरीजों की जांच की और रिपोर्ट चेक की। शहर के वार्ड संख्या 19 निवासी विक्रांत सिंह हैप्पी ने अस्पताल में बिजली कटौती के दौरान वीडियो बनाया। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने के कारण अंधेरा होने से मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हुई। सुरक्षाकर्मी नहीं दिख रहे थे।
अस्पताल में हर महीने हजारों रुपये का डीजल खर्च दिखाया जाता है। कुछ महीने पहले अस्पताल भवन पर सोलर प्लांट लगाया गया। इसके बावजूद अंधेेरे में मरीज रहने के लिए विवश हैं। बिजली कटौती से परिसर अंधेरे रहा।
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इस बाबत सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने कहा कि आंधी के बीच कुछ समय के लिए बिजली कटी होगी। इमरजेंसी सेवा के लिए जनरेटर व इनवर्टर अस्पताल में मौजूद है। सुरक्षाकर्मी दोनों परिसर में 24 घंटे चक्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहते हैं।
इससे पहले जुलाई 2025 में बलिया के जिला अस्पताल और सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली गुल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जहां जेनरेटर खराब होने के कारण मरीजों को टॉर्च/मोबाइल की रोशनी में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ा और ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से बुजुर्ग महिला की जान पर बन आई।
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आर्थों सर्जन डॉक्टर संतोष चौधरी वार्ड में राउंड कर रहे थे। बिजली कटने से मोबाइल की रोशनी में मरीजों की जांच की और रिपोर्ट चेक की। शहर के वार्ड संख्या 19 निवासी विक्रांत सिंह हैप्पी ने अस्पताल में बिजली कटौती के दौरान वीडियो बनाया। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने के कारण अंधेरा होने से मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हुई। सुरक्षाकर्मी नहीं दिख रहे थे।
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अस्पताल में हर महीने हजारों रुपये का डीजल खर्च दिखाया जाता है। कुछ महीने पहले अस्पताल भवन पर सोलर प्लांट लगाया गया। इसके बावजूद अंधेेरे में मरीज रहने के लिए विवश हैं। बिजली कटौती से परिसर अंधेरे रहा।
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इस बाबत सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने कहा कि आंधी के बीच कुछ समय के लिए बिजली कटी होगी। इमरजेंसी सेवा के लिए जनरेटर व इनवर्टर अस्पताल में मौजूद है। सुरक्षाकर्मी दोनों परिसर में 24 घंटे चक्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहते हैं।
इससे पहले जुलाई 2025 में बलिया के जिला अस्पताल और सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली गुल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जहां जेनरेटर खराब होने के कारण मरीजों को टॉर्च/मोबाइल की रोशनी में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ा और ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से बुजुर्ग महिला की जान पर बन आई।