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Bhadohi News: दूधिया रोशनी से रोशन होगा जिला चिकित्सालय परिसर
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ज्ञानपुर। दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने वाला जिला चिकित्सालय का पूरा परिसर अब दूधिया रोशनी जगमगाएगा। परिसर में 24 लाइटें लगाई जाएंगी। इससे इमरजेंसी, सीएमएस कार्यालय समेत अन्य वार्ड में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी नहीं होगी। इसके लिए बिजली के पांच पैनल लगाए जाएंगे।
जिला चिकित्सालय में रोजाना 800-900 मरीजों की ओपीडी होती है। इन्हें चिकित्सक जांचकर दवा उपलब्ध कराते हैं। दिन में तो दिक्कत नहीं होती, लेकिन इमरजेंसी में आने वाले मरीज और प्रसव कक्ष में आने वाली महिलाओं और उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ता है। जिला अस्पताल के मुख्य गेट और इमरजेंसी के अलावा अन्य स्थानों पर प्रकाश की सुविधा नहीं है।
अमूमन चिकित्सालय में बिजली व्यवस्था गड़बड रहती है। इसे दूर करने के लिए पांच बिजली के पैनल अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए हैं। बिजली शार्ट करने पर पैनल से बिजली कट जाएगी, जिससे अस्पताल के उपकरण सुरक्षित होंगे। उपकरण चलते ही पुराने केबल लोड़ नहीं ले पाते। पुराने केबल होने के कारण कई उपकरणों के चलने में दिक्कत होती थी। सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिला चिकित्सालय में संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है। पुराने बिजली के केबल कई जगह से टूट चुके हैं। इन्हें बदला जा रहा है। इसके बाद पूरे परिसर में करीब 24 से अधिक लाइटें लगाई जाएंगी। इससे परिसर में रात के समय अंधेरा नहीं रहेगा।
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जिला चिकित्सालय में रोजाना 800-900 मरीजों की ओपीडी होती है। इन्हें चिकित्सक जांचकर दवा उपलब्ध कराते हैं। दिन में तो दिक्कत नहीं होती, लेकिन इमरजेंसी में आने वाले मरीज और प्रसव कक्ष में आने वाली महिलाओं और उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ता है। जिला अस्पताल के मुख्य गेट और इमरजेंसी के अलावा अन्य स्थानों पर प्रकाश की सुविधा नहीं है।
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अमूमन चिकित्सालय में बिजली व्यवस्था गड़बड रहती है। इसे दूर करने के लिए पांच बिजली के पैनल अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए हैं। बिजली शार्ट करने पर पैनल से बिजली कट जाएगी, जिससे अस्पताल के उपकरण सुरक्षित होंगे। उपकरण चलते ही पुराने केबल लोड़ नहीं ले पाते। पुराने केबल होने के कारण कई उपकरणों के चलने में दिक्कत होती थी। सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिला चिकित्सालय में संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है। पुराने बिजली के केबल कई जगह से टूट चुके हैं। इन्हें बदला जा रहा है। इसके बाद पूरे परिसर में करीब 24 से अधिक लाइटें लगाई जाएंगी। इससे परिसर में रात के समय अंधेरा नहीं रहेगा।
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