भदोही के इस रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर मिली गड़बड़ी, टूटे स्लीपर, उखड़ी क्लैंप, धड़ाधड़ गुजर गईं ट्रेन
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पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस-प्रयागराज रामबाग रेल खंड पर रविवार सुबह ज्ञानपुर और जंगीगंज रेलवे स्टेशन के बीच कई स्थानों पर क्लैंप और स्लीपर उखड़े मिले। इस ट्रैक से होकर दो एक्सप्रेस ट्रेन, एक मालगाड़ी और एक टावर वैगन गुजर गईं।
संयोग अच्छा था कि कोई हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों की सूचना पर रेलवे ने क्लैंप तो बदलवा दिए लेकिन स्लीपर फिर भी नहीं बदले। यह क्लैंप शरारती तत्वों द्वारा निकाले गए हैं या फिर स्वत: निकल गए, विभाग अब इसकी जांच में जुट गया है।
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल में बनारस-प्रयागराज रामबाग रेल खंड पर चार जोड़ी पैसेंजर गाड़ियों के साथ-साथ एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया सिर्फ उन्हीं मालगाड़ियों, ट्रैक सुरक्षा वैन को चलाया जा रहा था जो आवश्यक सामान को पहुंचाने और सुरक्षा-संरक्षा पर पैनी नजर रख रही थीं। अनलॉक के बाद पवन, सिकंदराबाद, शिवगंगा, चौरीचौरा, लिच्छवी एक्सप्रेस को भी चलाने की हरी झंडी दी गई।
रविवार को सुबह शौच के लिए गए ग्रामीणों ने जंगीगंज रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर स्थित किलोमीटर संख्या 274/24, 26 एवं 37 तक के दायरे में दर्जन भर से अधिक जर्जर कंक्रीट स्लीपर, एक दर्जन से ट्रैक छोड़कर अगल-बगल बिखरे क्लैंप मिले।
इसी से ट्रैक से थोड़ी देर पहले शिवगंगा एक्सप्रेस डाउन, चौरीचौरा अप, मालगाड़ी अप, टावर वैगन गुजर गई। ग्रामीणों की सूचना पर मामले की खबर डीआरएम वाराणसी वीके पंजियार के मोबाइल पर दी गई, हालांकि दोपहर तक वहां कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।
शाम चार बजे के आसपास रेलवे कर्मी पहुंचे और क्लैंप को सही किया, लेकिन जर्जर स्लीपर को लगाने के लिए ब्लॉक की जरूरत होगी। इसके लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी गई। डीआरएम वाराणसी वीके पंजियार ने कहा कि ग्रामीणों की सूचना पर जानकारी मिली। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया।
पूर्व की घटनाओं से सबक नहीं ले रहा रेलवे
देश के विभिन्न हिस्सों में आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के बाद रेलवे सबक नहीं ले रहा है। दुर्घटना होने के बाद तमाम प्रकार के सवाल उठते हैं। जंगीगंज स्टेशन के पश्चिमी छोर पर जिस तरीके से क्लैंप आदि टूटे थे, उससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय कर्मचारी ट्रैक का जायजा ही नहीं लेते। इस तरह की लापरवाही से कभी भी ट्रेनों के बेपटरी हो जाने से इंकार नहीं किया जा सकता।