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देवी मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओ ंका हुजूम
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sun, 02 Oct 2016 01:38 AM IST
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ज्ञानपुर।या देवि सर्वभूतेषु प्रकृतिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:। वैदिक मंत्रोच्चार और मां के जयकारों के बीच शनिवार को देवी आराधना का पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र आरंभ हो गया। इस दौरान जिले के देवी मंदिरों और देवालयों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्ञानपुर नगर से लगे पौराणिक घोपइला देवी धाम में नवरात्र के पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई।
नवरात्र के पहले दिन आदिशक्ति के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की उपासना की गई। घर-घर कलश स्थापना के साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू हो गया। जगह-जगह भजन-कीर्तन और देवी के जयकारों के चलते वातावरण भक्तिमय हो उठा। नवरात्र के पहले दिन देवी दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप को देवाधिदेव की अर्धांगिनी पार्वती माने जाने के कारण शिवालयों पर भी आस्थावानों की भीड़ उमड़ी। नगर के सिद्धपीठ हरिहरनाथ धाम पर बड़ी संख्या में देवीभक्तों ने दर्शन-पूजन किए। नवरात्र का पहला दिन होने के नाते भोर से ही श्रद्धालुओं का रेला पहुंचना आरंभ हो गया था। घोपइला देवी धाम में सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धावानों का तांता लगा रहा। देवीभक्तों ने मां को नारियल, चुनरी अर्पित कर मंगल कामना की। इस दौरान जयकारे लगाए गए। सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में नवरात्र के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुुंचे। गंगा का किनारा होने के नाते भोर से ही लोगों ने यहां गंगा घाटों पर डुबकी लगाई और माता सीता के दर्शन कर सुख सौभाग्य की कामना की।
इसी तरह गोपीगंज, भदोही नगर, सुरियावां, दुर्गागंज, औराई, चौरी, बाबूसराय, महाराजगंज, ऊंज, अभोली, मोढ़ आदि इलाकों में भी नवरात्र के पहले दिन पूजा-अर्चना को लेकर मंदिरों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। कई पंडालों में मूर्तियों की स्थापना भी कर दी गई है। खमरिया संवाददाता के अनुसार बाल दुर्गोत्सव समिति की ओर से हनुमान मंदिर पर आठ अक्टूबर को गुफारूपी पंडाल स्थापित होगा। इसमें मां वैष्णों देवी और बाबा अमरनाथ का भी दर्शन भक्त कर सकेंगे। प्रतिमा का विसर्जन 11 अक्टूबर को किया जाएगा।
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नवरात्र के पहले दिन आदिशक्ति के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की उपासना की गई। घर-घर कलश स्थापना के साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू हो गया। जगह-जगह भजन-कीर्तन और देवी के जयकारों के चलते वातावरण भक्तिमय हो उठा। नवरात्र के पहले दिन देवी दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप को देवाधिदेव की अर्धांगिनी पार्वती माने जाने के कारण शिवालयों पर भी आस्थावानों की भीड़ उमड़ी। नगर के सिद्धपीठ हरिहरनाथ धाम पर बड़ी संख्या में देवीभक्तों ने दर्शन-पूजन किए। नवरात्र का पहला दिन होने के नाते भोर से ही श्रद्धालुओं का रेला पहुंचना आरंभ हो गया था। घोपइला देवी धाम में सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धावानों का तांता लगा रहा। देवीभक्तों ने मां को नारियल, चुनरी अर्पित कर मंगल कामना की। इस दौरान जयकारे लगाए गए। सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में नवरात्र के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुुंचे। गंगा का किनारा होने के नाते भोर से ही लोगों ने यहां गंगा घाटों पर डुबकी लगाई और माता सीता के दर्शन कर सुख सौभाग्य की कामना की।
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इसी तरह गोपीगंज, भदोही नगर, सुरियावां, दुर्गागंज, औराई, चौरी, बाबूसराय, महाराजगंज, ऊंज, अभोली, मोढ़ आदि इलाकों में भी नवरात्र के पहले दिन पूजा-अर्चना को लेकर मंदिरों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। कई पंडालों में मूर्तियों की स्थापना भी कर दी गई है। खमरिया संवाददाता के अनुसार बाल दुर्गोत्सव समिति की ओर से हनुमान मंदिर पर आठ अक्टूबर को गुफारूपी पंडाल स्थापित होगा। इसमें मां वैष्णों देवी और बाबा अमरनाथ का भी दर्शन भक्त कर सकेंगे। प्रतिमा का विसर्जन 11 अक्टूबर को किया जाएगा।
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