{"_id":"601556ae8ebc3e340058b19e","slug":"development-work-of-two-villages-will-be-investigated-bhadohi-news-vns5718006167","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो गांवों के विकास कार्यों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो गांवों के विकास कार्यों की होगी जांच
विज्ञापन
ज्ञानपुर। विकास कार्यों में गड़बड़ी को लेकर जिले के दो गांवों की जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर अभोली ब्लॉक के सरायकंसराय और डीघ ब्लॉक के तुलसीपट्टी गांव के कार्यों की जांच होगी। जांच के लिए अधिकारियों की टीमों को नामित कर दिया गया है। सरायकंसराय की जांच
पखवारे भर के अंदर और तुलसीपट्टी की जांच पांच फरवरी को की जाएगी।
डीघ विकास खंड के तुलसीपट्टी गांव निवासी जय कुमार तिवारी, रंगनाथ, विकास शुक्ला समेत अन्य ग्रामीणों ने पिछले दिनों जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। इसमें आवास, खड़ंजा, शौचालय सहित अन्य कार्य शामिल रहे। डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण को जांच के लिए नामित किया। टीम पांच फरवरी को दोपहर 12 बजे जांच के लिए पहुंचेगी। इसी तरह अभोली ब्लॉक के सराय कंसराय गांव निवासी हरिकेश तिवारी और चार अन्य ग्रामीणों ने 14 दिसंबर 2020 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। इसमें शौचालय, मनरेगा, ग्राम निधि के खाते में गड़बड़ी शामिल रही।
डीएम राजेंद्र प्रसाद ने परियोजना निदेशक डीआरडीए और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण को जांच के लिए नामित किया। जांच टीम को एक पखवारे के अंदर भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। बताते चलें कि जिले की 561 ग्राम पंचायतों में 100 से अधिक की जांच लंबित चल रही है। दर्जन भर से अधिक ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई हो चुकी है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी प्रधानों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पखवारे भर के अंदर और तुलसीपट्टी की जांच पांच फरवरी को की जाएगी।
डीघ विकास खंड के तुलसीपट्टी गांव निवासी जय कुमार तिवारी, रंगनाथ, विकास शुक्ला समेत अन्य ग्रामीणों ने पिछले दिनों जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। इसमें आवास, खड़ंजा, शौचालय सहित अन्य कार्य शामिल रहे। डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण को जांच के लिए नामित किया। टीम पांच फरवरी को दोपहर 12 बजे जांच के लिए पहुंचेगी। इसी तरह अभोली ब्लॉक के सराय कंसराय गांव निवासी हरिकेश तिवारी और चार अन्य ग्रामीणों ने 14 दिसंबर 2020 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। इसमें शौचालय, मनरेगा, ग्राम निधि के खाते में गड़बड़ी शामिल रही।
विज्ञापन
डीएम राजेंद्र प्रसाद ने परियोजना निदेशक डीआरडीए और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण को जांच के लिए नामित किया। जांच टीम को एक पखवारे के अंदर भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। बताते चलें कि जिले की 561 ग्राम पंचायतों में 100 से अधिक की जांच लंबित चल रही है। दर्जन भर से अधिक ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई हो चुकी है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी प्रधानों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं।
विज्ञापन