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Bhadohi News: छोटी उम्र पर बड़े है इनके हौसलें, दूसरों के जीवन को कर रहे रौशन

Sun, 12 Nov 2023 07:55 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Nov 2023 07:55 PM IST
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Despite their young age, they have great courage and are brightening the lives of others.
संवाद न्यूज एजेंसीज्ञानपुर। प्रकाश पर्व दीपावली रौशनी और उल्लास का त्योहार है। यह त्योहार हमें अंधकार से प्रकाश की ओर चलने और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देते हैं। तमाम ऐसे लोग हैं जो दूसरों की जीवन में रौशनी फैलाने में लगे हुए हैं। जिले के भी दो ऐसे युवा हैं, जो दूसरों की खुद की बदौलत दूसरों की जीवन में खुशियां भरने का काम कर रहे हैं। एक युवा लोगों को नशामुक्ति के प्रति जागरूक कर रहा है तो दूसरा नौनिहालों में शिक्षा की अलख जगाने में लगा हुआ है।
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पूरे भारत में नशामुक्ति की अलख जगा रहे सुमित
गोपीगंज के कठौता निवासी सुमित की उम्र अभी सिर्फ 28 साल होगी, लेकिन बीते छह से सात सालों से वे नशामुक्ति की अलख जगाए हुए हैं। अपनी संस्था काशीयाना फाउंडेशन के माध्यम से पूरे देश में नशामुक्ति को लेकर अभियान छेड़े हुए हैं। इनके प्रयासों के बदौलत अब तक 400 से अधिक लोग नशा को त्याग चुके हैं। इन्होंने नशामुक्ति को लेकर पूरे भारत की यात्रा करने के साथ ही हरिद्वार में पूरे देश के 30 प्रतिनिधियों का आमंत्रित किया था। जहां नशामुक्ति को लेकर शपथ ली गई। इनकी कार्यों की सराहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने मन की बात में भी कर चुके हैं। सुमित का मानना है कि नशा एक ऐसी चीज है, जो न सिर्फ नशा करने वालों की बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी बर्बाद कर देती है।
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हरिकिशन घाटों पर लगाते हैं नौनिहालों की कक्षा
शिक्षा एक ऐसा हथियार है। जिससे हम जीवन के सारे जंग जीत जाते हैं। इसी सूत्र वाक्य हो अपनाकर शिवरामपुर निवासी हरिकिशन शुक्ला नौनिहालों के शिक्षा की अलख जगाए हुए हैं। अभी इनकी उम्र केवल 25 साल होगी, लेकिन ये अपनी संस्था जय हिंद फाउंडेशन की बदौलत सैकड़ों बच्चों को शिक्षित करने का काम कर चुके हैं। फार्मेसी से डिप्लोमा करने वाले हरिकिशन ने बताया कि झुग्गी झोपड़ी और ईट भठ्ठों पर काम करने वाले लोगों के बच्चे अक्सर शिक्षा से दूर रह जाते हैं। कई बार इन बच्चों को देखकर इनके लिए कुछ करने का मन होता था। अपने के कुछ साथियों की बदौलत घर-घर जाकर बच्चों को इकठ्ठा किया और अब इन बच्चों की तालीम को पूरी करने का काम कर रहे है। हरिकिशन अपने साथियों के साथ इस समय 58 बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रहे हैं। ज्ञानपुर सरोवर की सीढि़यों पर हर दिन इनकी कक्षाएं लगती हैं। हरिकिशन ने बताया कि बच्चों को एक जगह इकठ्ठा करना हर दिन बड़ी चुनौती होती है।
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