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Bhadohi News: बेटियों ने संभाला गलीचे का कारोबार
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भदोही। म्हारी छोरियां, छोरों से कम हैं के....दंगल फिल्म के इस संवाद को अपने दम पर नया हासिल करने वाली बेटियां सार्थक साबित कर रही हैं। बुधवार को सम्पन्न हुए अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले में तीन बेटियों ने पिता के सपनों को आगे बढ़ाते हुए बेहतर व्यापार किया। उन्होंने अपनी कुशल कार्यक्षमता की बदौलत खरीदारों को कालीन के प्रति आकर्षित किया।
जिले के कालीन निर्यातक राम गोपाल गोयल को कोई बेटा नहीं है। उनकी तीन बेटियां ही हैं। अब तक कालीन व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ ही उसमें कुछ नया और इनोवेटिव करने के लिए राम गोपाल लगातार कार्य करते रहे लेकिन अब उनके व्यवसाय में बेटियों ने भी हाथ बंटाना शुरू कर दिया है। एक तरह से बेटियों ने ही पिता के व्यवसाय को अपने कंधों पर ले लिया है। उनकी बड़ी बेटी प्रेरणा जो कि मास्टर्स की पढ़ाई की पूरी करने के बाद व्यवसाय के प्रबंधन कर रही है तो रिद्धि मास्टर्स कर रही है। वंशिका ने अभी ग्रेजुएशन में है। तीनों बेटियों ने अपने पिता के गोयल एक्सपोर्ट को पूरी तरह से अपने हाथों में ले लिया है।
राम गोपाल बताते हैं कि उन्होंने कभी भी अपनी बेटियों को कालीन व्यवसाय में आने को नहीं कहा लेकिन उनकी तीनों बेटियों ने खुद से उनके काम को न सिर्फ संभाला बल्कि बेहतर दिशा की ओर लेकर जा रही हैं। मार्केटिंग का पूरा कार्य बेटियां ही देखती हैं लेकिन उत्पादन में वे उनकी मदद करते हैं।
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प्रेरणा गोयल ने बताया कि व्यापारिक लिहाज से देखा जाए तो 45वां कालीन मेला काफी शानदार रहा। खरीदारों के साथ उनकी बातचीत काफी शानदार रही है। उन्हें कई आर्डर भी मिले हैं। बताया कि वे अब तक तीन बार जर्मनी में आयोजित डोमेटेक्स फेयर और दिल्ली में आयोजित पांच फेयर में अकेले हिस्सा ले चुकी हैं। भदोही में यह सिर्फ दूसरा था। इस बार खरीदारों से सकारात्मक बातचीत रही, जो व्यापारिक लिहाज से शानदार रहा।
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जिले के कालीन निर्यातक राम गोपाल गोयल को कोई बेटा नहीं है। उनकी तीन बेटियां ही हैं। अब तक कालीन व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ ही उसमें कुछ नया और इनोवेटिव करने के लिए राम गोपाल लगातार कार्य करते रहे लेकिन अब उनके व्यवसाय में बेटियों ने भी हाथ बंटाना शुरू कर दिया है। एक तरह से बेटियों ने ही पिता के व्यवसाय को अपने कंधों पर ले लिया है। उनकी बड़ी बेटी प्रेरणा जो कि मास्टर्स की पढ़ाई की पूरी करने के बाद व्यवसाय के प्रबंधन कर रही है तो रिद्धि मास्टर्स कर रही है। वंशिका ने अभी ग्रेजुएशन में है। तीनों बेटियों ने अपने पिता के गोयल एक्सपोर्ट को पूरी तरह से अपने हाथों में ले लिया है।
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राम गोपाल बताते हैं कि उन्होंने कभी भी अपनी बेटियों को कालीन व्यवसाय में आने को नहीं कहा लेकिन उनकी तीनों बेटियों ने खुद से उनके काम को न सिर्फ संभाला बल्कि बेहतर दिशा की ओर लेकर जा रही हैं। मार्केटिंग का पूरा कार्य बेटियां ही देखती हैं लेकिन उत्पादन में वे उनकी मदद करते हैं।
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प्रेरणा गोयल ने बताया कि व्यापारिक लिहाज से देखा जाए तो 45वां कालीन मेला काफी शानदार रहा। खरीदारों के साथ उनकी बातचीत काफी शानदार रही है। उन्हें कई आर्डर भी मिले हैं। बताया कि वे अब तक तीन बार जर्मनी में आयोजित डोमेटेक्स फेयर और दिल्ली में आयोजित पांच फेयर में अकेले हिस्सा ले चुकी हैं। भदोही में यह सिर्फ दूसरा था। इस बार खरीदारों से सकारात्मक बातचीत रही, जो व्यापारिक लिहाज से शानदार रहा।