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युवाओं का संस्कारवान होना महत्वपूर्ण
ब्यूरो/ अमर उजाला भदोही
Updated Sun, 11 Oct 2015 01:21 AM IST
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संस्था के ज्ञानपुर स्थित कार्यालय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन केंद्र के जिला युवा समन्वयक समर बहादुर सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मबल, संयम एवं आत्म विश्वास के साथ-साथ संस्कारवान होना महत्वपूर्ण है। कहा कि जब तक उद्देश्य स्पष्ट नहीं होगा, तब तक कार्य की परिणति ठीक नहीं होगी।
बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में मौजूद कवि सूर्य प्रकाश सिंह सूरज ने युवाओं को समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी के पथ पर चलने का मंत्र दिया। कार्यक्रम के आरंभ में मंजुला मौर्या ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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रविकांत भारती और प्रशांत दुबे ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर सूरज चौरसिया, आशुतोष भारद्वाज, आकाश पांडेय, रईस अहमद, अजय यादव, नीरज रावत, मनु रावत आदि मौजूद रहे। संचालन एनवाईके के उदयभानु सिंह ने किया।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मबल, संयम एवं आत्म विश्वास के साथ-साथ संस्कारवान होना महत्वपूर्ण है। कहा कि जब तक उद्देश्य स्पष्ट नहीं होगा, तब तक कार्य की परिणति ठीक नहीं होगी।
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बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में मौजूद कवि सूर्य प्रकाश सिंह सूरज ने युवाओं को समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी के पथ पर चलने का मंत्र दिया। कार्यक्रम के आरंभ में मंजुला मौर्या ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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रविकांत भारती और प्रशांत दुबे ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर सूरज चौरसिया, आशुतोष भारद्वाज, आकाश पांडेय, रईस अहमद, अजय यादव, नीरज रावत, मनु रावत आदि मौजूद रहे। संचालन एनवाईके के उदयभानु सिंह ने किया।