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मां को मेरठ ले जाना चाहता था फौजी बेटा
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:57 AM IST
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थानाक्षेत्र के हरिचंदनपुर में शनिवार की रात को घटित घटना से हर कोई स्तब्ध है। मृतका का बड़ा बेटा सेना में है। वह अपनी मां को मेरठ ले जाना था लेकिन अचानक हुई घटना से उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। बच्चों ने बताया कि मां और पिता में कभी कोई विवाद नहीं हुआ। बच्चे भी इसे दुर्घटना ही मान रहे हैं। सोमवार को भी सांत्वना देने के लिए लोग पहुंचते रहे।
शनिवार की रात हरिचंदनपुर गांव में मामूली विवाद में पति के हमले से पत्नी की मौत हो गई थी। घटना के समय पति पत्नी के अलावा सिफ छोटी बेटी थी। घर में अनाज रखा जा रहा था। उसी दौरान कब दोनो में विवाद हो गया और घटना हो गई बच्चे भी नहीं जान पाए। जब तक लोगो को जानकारी होती तब तक मीता देवी की मौत हो गई थी। मृतका के बड़े पुत्र चंद्रेश पटेल ने बताया कि माता पिता में कभी विवाद नही होता था । पिता रमाशंकर के गुस्से ने हम बच्चों को हमेशा के लिए मां से दूर कर दिया। लंबे समय से परेशानी की जिंदगी जी रही मां के जब अच्छे दिन आए तो खुद ही दूर हो गयी । मेरठ में सेना का जवान चंद्रेश ने कहा कि वह मां को मेरठ ले जाने के लिए आने वाला था लेकिन ईश्वर को यह मंजूर नहीं था।
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शनिवार की रात हरिचंदनपुर गांव में मामूली विवाद में पति के हमले से पत्नी की मौत हो गई थी। घटना के समय पति पत्नी के अलावा सिफ छोटी बेटी थी। घर में अनाज रखा जा रहा था। उसी दौरान कब दोनो में विवाद हो गया और घटना हो गई बच्चे भी नहीं जान पाए। जब तक लोगो को जानकारी होती तब तक मीता देवी की मौत हो गई थी। मृतका के बड़े पुत्र चंद्रेश पटेल ने बताया कि माता पिता में कभी विवाद नही होता था । पिता रमाशंकर के गुस्से ने हम बच्चों को हमेशा के लिए मां से दूर कर दिया। लंबे समय से परेशानी की जिंदगी जी रही मां के जब अच्छे दिन आए तो खुद ही दूर हो गयी । मेरठ में सेना का जवान चंद्रेश ने कहा कि वह मां को मेरठ ले जाने के लिए आने वाला था लेकिन ईश्वर को यह मंजूर नहीं था।
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