{"_id":"597e2be44f1c1b9b508b4773","slug":"71501440996-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनियमितता में घिरे 11 प्रधान, जांच शुरू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अनियमितता में घिरे 11 प्रधान, जांच शुरू
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर (भदोही)।
देश के विकास की अहम धूरी कही जाने वाली ग्राम पंचायतें भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं है। पिछले कुछ माह के अंदर जिले के 12 ग्राम प्रधान अनियमितता की जद में घिर गए हैं। आईजीआरएस पर आई शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को जांच के लिए नामित किया। जिन-जिन गांवों की जांच शुरू हुई है, वहां के ग्राम प्रधानों के चेहरे से हवाइयां उड़ने लगी हैं। सभी प्रधानों पर विकास कार्य में अनियमितता के आरोप लगे हुए हैं।
करीब 17 लाख की आबादी वाले जिले के छह ब्लॉकों में 561 ग्रामसभाएं हैं। 2015 के चुनाव के बाद गत दिनों उप चुनाव भी संपन्न हुए। गावों में ग्राम प्रधान के साथ ही वहां के ग्राम पंचायत सदस्य की निगरानी में मनरेगा, शौचालय समेत अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन होता है। जैसे-जैसे विकास कार्य आगे बढ़ते हैं भ्रष्टाचार की बू भी आनी शुरू हो जाती है। प्रधान का पद काफी संवेदनशील होने के चलते सतर्क रहना पड़ता है। कुछ प्रधान तो बेदाग पांच साल का कार्यकाल गुजार ले जाते हैं लेकिन ज्यादातर दागदार हो जाते हैं। पिछले कुछ माह में जिले के 12 ग्राम प्रधान घपलेबाजी में घिर गए हैं। ग्रामीणों की ओर से आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद जांच के लिए अफसरों को नामित कर दिया गया है। जिन गांवों की जांच हो रही है, उनमें ज्ञानपुर विकास खंड के भगवानपुर, अईनछ, चकसुंदर, भदोही के मल्लूपुर, पिपरिस, अभोली के सागरपुर, दशवथपुर, भिखमापुर, डीघ के हरिगांव, नगरदह, खरगपुर शामिल हैं। भदोही के परगासपुर की जांच पूरी होने पर करीब पौने दो लाख की रिकवरी जारी की गई है जबकि अभोली के सेमरा की जांच पुलिस फोर्स की मौजूदगी में होगी। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि आईजीआरएस प्रणाली की निगरानी खुद मुख्यमंत्री करते हैं। इस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण पखवारे भर के अंदर करने का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन
देश के विकास की अहम धूरी कही जाने वाली ग्राम पंचायतें भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं है। पिछले कुछ माह के अंदर जिले के 12 ग्राम प्रधान अनियमितता की जद में घिर गए हैं। आईजीआरएस पर आई शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को जांच के लिए नामित किया। जिन-जिन गांवों की जांच शुरू हुई है, वहां के ग्राम प्रधानों के चेहरे से हवाइयां उड़ने लगी हैं। सभी प्रधानों पर विकास कार्य में अनियमितता के आरोप लगे हुए हैं।
करीब 17 लाख की आबादी वाले जिले के छह ब्लॉकों में 561 ग्रामसभाएं हैं। 2015 के चुनाव के बाद गत दिनों उप चुनाव भी संपन्न हुए। गावों में ग्राम प्रधान के साथ ही वहां के ग्राम पंचायत सदस्य की निगरानी में मनरेगा, शौचालय समेत अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन होता है। जैसे-जैसे विकास कार्य आगे बढ़ते हैं भ्रष्टाचार की बू भी आनी शुरू हो जाती है। प्रधान का पद काफी संवेदनशील होने के चलते सतर्क रहना पड़ता है। कुछ प्रधान तो बेदाग पांच साल का कार्यकाल गुजार ले जाते हैं लेकिन ज्यादातर दागदार हो जाते हैं। पिछले कुछ माह में जिले के 12 ग्राम प्रधान घपलेबाजी में घिर गए हैं। ग्रामीणों की ओर से आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद जांच के लिए अफसरों को नामित कर दिया गया है। जिन गांवों की जांच हो रही है, उनमें ज्ञानपुर विकास खंड के भगवानपुर, अईनछ, चकसुंदर, भदोही के मल्लूपुर, पिपरिस, अभोली के सागरपुर, दशवथपुर, भिखमापुर, डीघ के हरिगांव, नगरदह, खरगपुर शामिल हैं। भदोही के परगासपुर की जांच पूरी होने पर करीब पौने दो लाख की रिकवरी जारी की गई है जबकि अभोली के सेमरा की जांच पुलिस फोर्स की मौजूदगी में होगी। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि आईजीआरएस प्रणाली की निगरानी खुद मुख्यमंत्री करते हैं। इस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण पखवारे भर के अंदर करने का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन