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दवा की दुकान के खिलाफ परिवाद दाखिल
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भदोही। जनपद में नकली दवाएं बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस क्रम में ड्रग इंस्पेक्टर अमित कुमार बंसल द्वारा नईबाजार के एक दवा विक्रेता के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में धारा 18 बटे 27 के अंतर्गत परिवाद दाखिल किया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि गत जनवरी में नईबाजार के दुकानदार सुनील कुमार गुप्ता के यहां छापा मार कर कुछ दवाएं जब्त की गई थीं। लैब में दवाओं के नकली होने की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद परिवाद दर्ज कराया गया है। बताया कि अगले कुछ दिनों कुछ और दवा दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया शासन द्वारा कुछ दवाओं को स्पूरियस औषधि की श्रेणी में रखा गया है। इसके तहत इन दवाओं की बिक्री अवैध है और कानूनन जुर्म भी। बताया कि इसी वर्ष 29 जनवरी को नईबाजार के सुनील कुमार गुप्ता के दुकान चौधरी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स में मारे गए छापे में जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए थे। जांच आख्या में स्पष्ट हो गया है कि दुकान में शासन द्वारा स्पूरियस औषधि श्रेणी में रखे दवाएं बेची जा रही थी। बताया कि जांच रिपोर्ट में पाया गया कि दवाओं पर लिखे निर्माता कंपनी के नाम और पता कहीं हैं ही नहीं। दुकानदार द्वारा आपूर्तिकर्ता का पता भी गलत पाया गया। इसके बाद विस्तृत जांच के बाद सीजेएम न्यायालय ज्ञानपर में मंगलवार को परिवाद दर्ज कर लिया गया।
बताया कि जनपद में नकली दवाओं कं धंधे का यह पहला मामला है जिसमे मुकदमा पंजीकृत किया गया है। चार और दुकानदारों के नमूनों की जांच प्रक्रिया में है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद इनके विरुद्ध भी न्यायालय में परिवाद दाखिल कर दिया जाएगा। बताया कि संभव है कि अगले दो सप्ताह में कुछ और कार्रवाई हो। ड्रग विभाग की इस कार्रवाई से नगर के दुकानदारों में खलबली मच गई है।
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ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया शासन द्वारा कुछ दवाओं को स्पूरियस औषधि की श्रेणी में रखा गया है। इसके तहत इन दवाओं की बिक्री अवैध है और कानूनन जुर्म भी। बताया कि इसी वर्ष 29 जनवरी को नईबाजार के सुनील कुमार गुप्ता के दुकान चौधरी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स में मारे गए छापे में जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए थे। जांच आख्या में स्पष्ट हो गया है कि दुकान में शासन द्वारा स्पूरियस औषधि श्रेणी में रखे दवाएं बेची जा रही थी। बताया कि जांच रिपोर्ट में पाया गया कि दवाओं पर लिखे निर्माता कंपनी के नाम और पता कहीं हैं ही नहीं। दुकानदार द्वारा आपूर्तिकर्ता का पता भी गलत पाया गया। इसके बाद विस्तृत जांच के बाद सीजेएम न्यायालय ज्ञानपर में मंगलवार को परिवाद दर्ज कर लिया गया।
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बताया कि जनपद में नकली दवाओं कं धंधे का यह पहला मामला है जिसमे मुकदमा पंजीकृत किया गया है। चार और दुकानदारों के नमूनों की जांच प्रक्रिया में है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद इनके विरुद्ध भी न्यायालय में परिवाद दाखिल कर दिया जाएगा। बताया कि संभव है कि अगले दो सप्ताह में कुछ और कार्रवाई हो। ड्रग विभाग की इस कार्रवाई से नगर के दुकानदारों में खलबली मच गई है।
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