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एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ा राजस्व लिपिक,20 हजार बरामद
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ानपुर। काम कराने के लिए रिश्वत की मांग करने वाला तहसील का राजस्व लिपिक अरुण कुमार श्रीवास्तव बुधवार को एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गया। बाबू को एंटी करप्शन की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। जिले के ऊंज क्षेत्र निवासी विनीत सिंह की शिकायत पर टीम ने क्लर्क को दबोच लिया।
बताया जाता है कि ऊंज निवासी पुरुषोत्तम सिंह के पुत्र विनीत सिंह अपने हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 20 दिन पूर्व आवेदन किया था। लेकिन, सुविधा शुल्क के लिए बार-बार तहसील का चक्कर लगवाया जा रहा था। आरोप है कि तहसील का क्लर्क अरुण श्रीवास्तव काम के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। इस पर विनीत ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। बुधवार को पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक आलोक दीक्षित के नेतृत्व में टीम तहसील पहुंची और शिकायतकर्ता ने पावडर लगे नोट बाबू को पकड़ा दिया। 20 हजार रुपये लेकर क्लर्क ने जैसे ही अपने पास रखा, टीम उसके पास पहुंच गई और हाथ धुला कर पैसे के साथ उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम आरोपी लिपिक को लेकर कोतवाली चली गई। वहां तीन घंटे तक लिपिक से पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने आरोपी को पुलिस को सौंप दिया। टीम में निरीक्षक सुरेंद्र कुमार दुबे, उप निरीक्षक ओमप्रकाश यादव, अनिल शुक्ला, नरेंद्र कुमार सिंह, अश्वनी पांडेय, सुमित सिंह, सुनील सिंह आदि शामिल रहे। ज्ञानपुर कोतवाल भैया छविनाथ सिंह ने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एंटी करप्शन टीम जैसे तहरीर देगी, उस हिसाब से मुकदमा लिखा जाएगा।
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बताया जाता है कि ऊंज निवासी पुरुषोत्तम सिंह के पुत्र विनीत सिंह अपने हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 20 दिन पूर्व आवेदन किया था। लेकिन, सुविधा शुल्क के लिए बार-बार तहसील का चक्कर लगवाया जा रहा था। आरोप है कि तहसील का क्लर्क अरुण श्रीवास्तव काम के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। इस पर विनीत ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। बुधवार को पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक आलोक दीक्षित के नेतृत्व में टीम तहसील पहुंची और शिकायतकर्ता ने पावडर लगे नोट बाबू को पकड़ा दिया। 20 हजार रुपये लेकर क्लर्क ने जैसे ही अपने पास रखा, टीम उसके पास पहुंच गई और हाथ धुला कर पैसे के साथ उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम आरोपी लिपिक को लेकर कोतवाली चली गई। वहां तीन घंटे तक लिपिक से पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने आरोपी को पुलिस को सौंप दिया। टीम में निरीक्षक सुरेंद्र कुमार दुबे, उप निरीक्षक ओमप्रकाश यादव, अनिल शुक्ला, नरेंद्र कुमार सिंह, अश्वनी पांडेय, सुमित सिंह, सुनील सिंह आदि शामिल रहे। ज्ञानपुर कोतवाल भैया छविनाथ सिंह ने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एंटी करप्शन टीम जैसे तहरीर देगी, उस हिसाब से मुकदमा लिखा जाएगा।
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