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Bhadohi: आदेश की अवमानना पर उपभोक्ता आयोग सख्त,ईंट भट्ठा संचालक के खिलाफ गैर जमानती वारंट
Wed, 06 Nov 2024 07:52 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Wed, 06 Nov 2024 07:52 PM IST
सार
भदोही में ईंट भट्ठा संचालक के खिलाफ एनबीडब्लू जारी किया गया। आदेश की अवमानना करने पर उपभोक्ता आयोग ने सख्ती दिखाई और एसपी को पत्र लिखकर हर हाल में 22 नवंबर तक पेश करने की बात कही। इस कार्रवाई से आरोपी पक्ष में हलचल है। जानकारी के अनुसार ईंट भट्ठा संचालक पर आरोप था कि उसने खरीददार को ईंट नहीं भेजी और पैसे भी नहीं दिए जिस पर आदेश दिया गया कि 2 लाख 65 हजार रूपये अदा किए जाएं। लेकिन आठ साल बाद भी जब पैसे नहीं मिलने की जानकारी पीड़ित के द्वारा दी गई तब सख्त रूख अपनाया गया।
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जिला उपभोक्ता न्यायालय
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
ज्ञानपुर में जिला उपभोक्ता आयोग ने बुधवार को औराई कोतवाली के रतना ठेघीपुर निवासी एक ईट भट्ठा संचालक के खिलाफ गैर जमानत वारंट जारी की। आयोग ने ईट भठ्ठा संचालक को गिरफ्तार कर 22 नवंबर तक कोर्ट में पेश करने को लेकर एसपी को पत्र लिखा। सात जनवरी 2016 को आयोग ने ईट भठ्ठा संचालक के खिलाफ आदेश देते हुए दो लाख 65 हजार रुपये नौ फीसदी वार्षिक ब्याज और 20 हजार रुपये मानसिक क्षति को लेकर पीड़ित को देने का निर्देश दिया था। आदेश की अवमानना पर कोर्ट ने सख्त रूख अपनाया।
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औराई कोतवाली के उमरहा निवासी वरूण दुबे ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि रतना ठेघीपुर निवासी ईट भठ्ठा संचालक रामबहादुर पटेल से ईट लेने के लिए 15 फरवरी 2012 को शपथ पत्र के साथ दो लाख रुपये दिए थे। इसके बाद भी मई 2012 तक उसने उन्हें कोई ईट नहीं दी। इसके बाद उन्हें अपनी बातों में फंसाकर कोयला लाने के बहाने तीन किस्तों में 65 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद किसी तरह उसने उन्हें तीन हजार दोयम दर्जे और 1500 अच्छी क्वालिटी की ईट दी थी। कुछ दिन बाद तीन हजार और खराब ईट दी।
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बाकी पैसा मांगने पर उसने पैसा वापस नहीं किया। मामले में सुनवाई करते हुए आयोग ने सात जनवरी 2016 को ईट भठ्ठा संचालक के खिलाफ फैसला सुनाया और कहा कि जितनी ईटें दी है। उसका पैसा काटने के उपरांत उपभोक्ता को दो लाख 65 हजार रुपये अदा की जाएगी। वहीं मानसिक क्षति के लिए 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आदेश के आठ साल के अधिक समय बीतने के बाद भी ईट भठ्ठा संचालक द्वारा पीड़ित को धनराशि नहीं दी गयी। जिसमें आयोग ने ईट भठ्ठा संचालक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी की। आयोग ने हर हाल में 22 नवंबर तक ईट भठ्ठा संचालक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया।
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