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Bhadohi News: उपभोक्ता आयोग ने पीड़ित को सौंपा 103209 रुपये का चेक
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ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने सोमवार को परिवादी को 103209 रुपये का चेक सौंपा। आयोग ने बीते दिनों वाराणसी डाकघर अधीक्षक को परिवादी की सेवा में कमी पर यह धनराशि देने का आदेश दिया था। तय समय पर भुगतान न करने की दशा में कलेक्ट्रेट वाराणसी द्वारा धनराशि वसूल कर उपभोक्ता को सौंपी गई।
आयोग के आदेशानुसार पीड़ित को 82 हजार पर 9 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ 50 हजार क्षतिपूर्ति व 10 हजार मुकदमा खर्च देने का आदेश था। आयोग ने दोनों पक्षों की सहमति से एक लाख 3209 रुपये पर समझौता कराया। जबकि इस प्रकरण में 144840 रुपये का भुगतान पहले किया जा चुका था। बची हुई राशि देने में देरी पर कोर्ट ने फिर से पीड़ित को पूरा पैसे देने आदेश दिया।
उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि ऊंज थाना क्षेत्र के बांगा पट्टी, सुधवे निवासी जय प्रताप और उनकी पत्नी संजू देवी के मामले में आयोग की पीठ ने 20 दिसंबर 2018 को भदोही पोस्टमास्टर, डाक निरीक्षक उपमंडल ज्ञानपुर और डाक अधीक्षक प्रधान डाकघर वाराणसी पश्चिम के साथ पोस्ट मास्टर जनरल इलाहाबाद, चीफ पोस्टमास्टर लखनऊ को यह आदेश दिया था कि पीड़ित उपभोक्ता को 82 हजार की क्षतिपूर्ति के अलावा तिथि निकलने के कारण नौ फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करें।
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आयोग के इस आदेश का डाक विभाग द्वारा अनुपालन नहीं किया गया। जिस पर न्यायाधीश अध्यक्ष संजय कुमार डे व महिला सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव के साथ सदस्य विजय बहादुर सिंह ने जिलाधिकारी वाराणसी को वाराणसी डाकघर अधीक्षक से भू राजस्व की भांति धनराशि वसूल कर पीड़ित को देने को पत्र लिखा था। जिसके बाद डाक विभाग की ओर से चरणजीत यादव ने एक लाख 3209 रुपए उपभोक्ता आयोग के समक्ष जमा किया गया। न्यायाधीश संजय कुमार डे, महिला सदस्य दिप्ती श्रीवास्तव समेत अन्य ने पीड़ित को चेक सौंपा।
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आयोग के आदेशानुसार पीड़ित को 82 हजार पर 9 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ 50 हजार क्षतिपूर्ति व 10 हजार मुकदमा खर्च देने का आदेश था। आयोग ने दोनों पक्षों की सहमति से एक लाख 3209 रुपये पर समझौता कराया। जबकि इस प्रकरण में 144840 रुपये का भुगतान पहले किया जा चुका था। बची हुई राशि देने में देरी पर कोर्ट ने फिर से पीड़ित को पूरा पैसे देने आदेश दिया।
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उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि ऊंज थाना क्षेत्र के बांगा पट्टी, सुधवे निवासी जय प्रताप और उनकी पत्नी संजू देवी के मामले में आयोग की पीठ ने 20 दिसंबर 2018 को भदोही पोस्टमास्टर, डाक निरीक्षक उपमंडल ज्ञानपुर और डाक अधीक्षक प्रधान डाकघर वाराणसी पश्चिम के साथ पोस्ट मास्टर जनरल इलाहाबाद, चीफ पोस्टमास्टर लखनऊ को यह आदेश दिया था कि पीड़ित उपभोक्ता को 82 हजार की क्षतिपूर्ति के अलावा तिथि निकलने के कारण नौ फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करें।
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आयोग के इस आदेश का डाक विभाग द्वारा अनुपालन नहीं किया गया। जिस पर न्यायाधीश अध्यक्ष संजय कुमार डे व महिला सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव के साथ सदस्य विजय बहादुर सिंह ने जिलाधिकारी वाराणसी को वाराणसी डाकघर अधीक्षक से भू राजस्व की भांति धनराशि वसूल कर पीड़ित को देने को पत्र लिखा था। जिसके बाद डाक विभाग की ओर से चरणजीत यादव ने एक लाख 3209 रुपए उपभोक्ता आयोग के समक्ष जमा किया गया। न्यायाधीश संजय कुमार डे, महिला सदस्य दिप्ती श्रीवास्तव समेत अन्य ने पीड़ित को चेक सौंपा।