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Bhadohi News: अफसरों की चौखट पर फरियादी, न्याय की उम्मीद धूमिल
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ज्ञानपुर/औराई। स्थान : औराई तहसील, समय : दोपहर 12 बजे। दिन : शनिवार। बिलखते हुए पिलखनी की प्रेमा तिवारी ने बताया कि जमीन बंटवारे के लिए छह साल से दौड़ रही हूं। अफसरों की चौखट पर 50 से अधिक बार पहुंची, लेकिन न्याय नहीं मिल सका। मनबढ़ मेरी जमीन पर कब्जा कर लिए हैं। पुलिस और राजस्व विभाग सिर्फ आश्वासन दे रहा है। यह तो एक बानगी है। संपूर्ण समाधान दिवस और समाधान दिवस में आने वाले ज्यादातर फरियादियों को न्याय नहीं मिल पाता। अधिकारी रटा-रटाया जवाब देकर भेज देते हैं।
औराई तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस को लेकर शनिवार को सुबह नौ बजे से ही अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक अलर्ट दिखे। डीएम गौरांग राठी के आने की खबर पर सभी तैयारी पूरी कर ली गई। न्याय की उम्मीद लेकर फरियादी भी एक बार फिर आशान्वित हो गए, लेकिन उनकी उम्मीदें टूट गईं। डीएम ने शिकायतें सुनी अफसरों को निर्देश दिया। रटा-रटाया जवाब मिला जी सर, हां सर, हो जाएगा। यहां आए 60 प्रार्थना पत्रों में 15 का निस्तारण हो गया, जबकि 45 लंबित रह गए। डीएम ने अधिकारियों को हिदायत जरूर दी कि राजस्व के मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण हो। डीएम ने राजस्व के मामले में ही एक लेखपाल का एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण देने के लिए भी उप जिला अधिकारी को निर्देशित किया। इस मौके पर सीडीओ यशवंत कुमार सिह, सीएमओ संतोष कुमार चक, एसडीएम आकाश कुमार आदि रहे। भदोही तहसील में अपर जिलाधिकारी न्यायिक शिव नारायण सिंह और तहसील ज्ञानपुर में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व कुंवर वीरेंद्र मौर्य संग अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने समस्याएं सुनी। ज्ञानपुर में 32 प्रार्थना पत्रों में सात और भदोही में 41 में सात निस्तारित हुए। तीनों तहसीलों में कुल 133 में 29 मामले निस्तारित हुए जबकि 102 लंबित रह गए।
मुक्तापुर के राम रंगीले ने बताया कि चार साल से खतौनी में नाम चढ़ाने के लिए परेशान हूं। 20 से 25 बार प्रार्थना पत्र दिया। तहसीलदार के यहां से आदेश हो चुका है, लेकिन आज तक नाम नहीं चढ़ा।
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उगापुर के गुलाब चंद्र ने बताया कि उनके नाम चक आउट काटा गया है, लेकिन कब्जा नहीं मिल सका। दो साल से तहसील और थाने पर जा रहा हूं पर कब्जा नहीं दिलाया गया।
मर्चवार के चुन्नीलाल ने बताया कि अपनी जमीन की पैमाइश के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहा हूं। कुछ राजस्व कर्मियों को पैसा भी दे दिया हूं, किंतु सुनवाई नहीं हो रही है।
सनवइया के मुंशी वनवासी ने बताया कि 12 वनवासियों को जमीन का पट्टा हुआ है। हम उस पर कब्जा नहीं ले पा रहे हैं। आज भी हम सभी बनवासी अपने परिवार के साथ समाधान दिवस पर आए कोई सुनवाई नहीं है।
त्रिलोकपुर की बेबी विश्वकर्मा ने कहा कि उसका कच्चा घर गिर गया है। आवास के लिए एक साल से चक्कर काट रही हूं। कई बार प्रार्थना पत्र दिया, पर आज तक आवास नहीं मिला।
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औराई तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस को लेकर शनिवार को सुबह नौ बजे से ही अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक अलर्ट दिखे। डीएम गौरांग राठी के आने की खबर पर सभी तैयारी पूरी कर ली गई। न्याय की उम्मीद लेकर फरियादी भी एक बार फिर आशान्वित हो गए, लेकिन उनकी उम्मीदें टूट गईं। डीएम ने शिकायतें सुनी अफसरों को निर्देश दिया। रटा-रटाया जवाब मिला जी सर, हां सर, हो जाएगा। यहां आए 60 प्रार्थना पत्रों में 15 का निस्तारण हो गया, जबकि 45 लंबित रह गए। डीएम ने अधिकारियों को हिदायत जरूर दी कि राजस्व के मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण हो। डीएम ने राजस्व के मामले में ही एक लेखपाल का एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण देने के लिए भी उप जिला अधिकारी को निर्देशित किया। इस मौके पर सीडीओ यशवंत कुमार सिह, सीएमओ संतोष कुमार चक, एसडीएम आकाश कुमार आदि रहे। भदोही तहसील में अपर जिलाधिकारी न्यायिक शिव नारायण सिंह और तहसील ज्ञानपुर में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व कुंवर वीरेंद्र मौर्य संग अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने समस्याएं सुनी। ज्ञानपुर में 32 प्रार्थना पत्रों में सात और भदोही में 41 में सात निस्तारित हुए। तीनों तहसीलों में कुल 133 में 29 मामले निस्तारित हुए जबकि 102 लंबित रह गए।
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मुक्तापुर के राम रंगीले ने बताया कि चार साल से खतौनी में नाम चढ़ाने के लिए परेशान हूं। 20 से 25 बार प्रार्थना पत्र दिया। तहसीलदार के यहां से आदेश हो चुका है, लेकिन आज तक नाम नहीं चढ़ा।
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उगापुर के गुलाब चंद्र ने बताया कि उनके नाम चक आउट काटा गया है, लेकिन कब्जा नहीं मिल सका। दो साल से तहसील और थाने पर जा रहा हूं पर कब्जा नहीं दिलाया गया।
मर्चवार के चुन्नीलाल ने बताया कि अपनी जमीन की पैमाइश के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहा हूं। कुछ राजस्व कर्मियों को पैसा भी दे दिया हूं, किंतु सुनवाई नहीं हो रही है।
सनवइया के मुंशी वनवासी ने बताया कि 12 वनवासियों को जमीन का पट्टा हुआ है। हम उस पर कब्जा नहीं ले पा रहे हैं। आज भी हम सभी बनवासी अपने परिवार के साथ समाधान दिवस पर आए कोई सुनवाई नहीं है।
त्रिलोकपुर की बेबी विश्वकर्मा ने कहा कि उसका कच्चा घर गिर गया है। आवास के लिए एक साल से चक्कर काट रही हूं। कई बार प्रार्थना पत्र दिया, पर आज तक आवास नहीं मिला।