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शीतलहर ः कांपा हाड़, एक की मौत
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Tue, 19 Jan 2016 01:49 AM IST
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जनपद में शीतलहर ने प्रकोप दिखाना श्रुरू कर दिया है। सोमवार को कड़ाके की ठंड ने एक अधेड़ की जान ले ली। हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।
वहीं जिला प्रशासन कड़ाके की इस ठंड में अलाव के प्रति पूरी तरह लापरवाह बना है। जिससे गरीब ठिठुरने को मजबूर हैं। उधर, बाजार में जल्द ही सन्नाटा पसर गया जबकि लोग शाम को ही घरों में कैद हो गए।
गोपीगंज संवाददाता के अनुसार, थानाक्षेत्र के थानीपुर गांव में ठंड लगने से फूलचंद्र (52) की मौत हो गई। परिवार वालों के मुताबिक रविवार की रात अचानक तबियत खराब हो गई।
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अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। महीने भर बाद करवट लिए मौसम ने ठंड का एहसास करा दिया। सोमवार को बूंदाबादी के साथ गलन भरी हवाओं ने लोगों की कंपकपी छुड़ा दी।
दिनभर में पांच से 10 मिनट तक ही लोगों को धूप नसीब हो सकी। आसमान में बादल होने से गलन भरी हवाएं लोगों को चुभती रहीं। गर्म कपड़े पहनने के बाद भी लोग कंपकपाते रहे।
जनवरी के दूसरे पखवारे में कड़ाके की ठंड ने लोगों को हैरान कर दिया है। सोमवार को मौसम में हुए परिवर्तन ने लोगों को कंपकपाने पर मजबूर कर दिया।
जहां दिन भर धूप के दर्शन नहीं हुए वहीं दूसरी तरफ दोपहर बाद बूंदाबांदी ने तापमान में और भी गिरावट ला दी और शाम को ही लोग घरों में जा दुबके।
वहीं जिले प्रशासन की ओर से कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन गरीब तबका ठंड से बेजार रहा।
खास बात कि अलाव जलवाने के लिए जिला प्रशासन के अलावा नगर प्रशासन के पास भी शासन से बजट भेजा गया है।
इसके बाद भी आम आदमी को ठंड से राहत के लिए कदम नहीं उठाया जा रहा है। दिसंबर के पहले पखवारे में अलाव जलवाने की प्रशासन ने इतिश्री कर ली है।
अलाव जलवाने के नाम पर जिले के राजस्व कर्मी आरामशीन संचालकों, लकड़ी बिक्रेताओं से लकड़ी लिए थे। उसे कुछ चुनिंदा स्थानों पर जलवाकर कागज में पूरे कर दिए थे।
अब फिर ठंड बढ़ने से रेल और बस अड्डे, तिराहे, चौराहे आदि पर आवागमन करने वाले राहगीर, यात्री ठंड से परेशान हैं।
अपर जिलाधिकारी हरीलाल यादव का कहना है कि बजट आया था और अलाव जलवाने के लिए निर्देश भी दिया गया था। ठंड के मद्देनजर अलाव जलवाना जरूरी है।
यदि नहीं जल रहा है तो मातहतों को इसके लिए निर्देशित किया जाएगा।
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वहीं जिला प्रशासन कड़ाके की इस ठंड में अलाव के प्रति पूरी तरह लापरवाह बना है। जिससे गरीब ठिठुरने को मजबूर हैं। उधर, बाजार में जल्द ही सन्नाटा पसर गया जबकि लोग शाम को ही घरों में कैद हो गए।
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गोपीगंज संवाददाता के अनुसार, थानाक्षेत्र के थानीपुर गांव में ठंड लगने से फूलचंद्र (52) की मौत हो गई। परिवार वालों के मुताबिक रविवार की रात अचानक तबियत खराब हो गई।
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अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। महीने भर बाद करवट लिए मौसम ने ठंड का एहसास करा दिया। सोमवार को बूंदाबादी के साथ गलन भरी हवाओं ने लोगों की कंपकपी छुड़ा दी।
दिनभर में पांच से 10 मिनट तक ही लोगों को धूप नसीब हो सकी। आसमान में बादल होने से गलन भरी हवाएं लोगों को चुभती रहीं। गर्म कपड़े पहनने के बाद भी लोग कंपकपाते रहे।
जनवरी के दूसरे पखवारे में कड़ाके की ठंड ने लोगों को हैरान कर दिया है। सोमवार को मौसम में हुए परिवर्तन ने लोगों को कंपकपाने पर मजबूर कर दिया।
जहां दिन भर धूप के दर्शन नहीं हुए वहीं दूसरी तरफ दोपहर बाद बूंदाबांदी ने तापमान में और भी गिरावट ला दी और शाम को ही लोग घरों में जा दुबके।
वहीं जिले प्रशासन की ओर से कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन गरीब तबका ठंड से बेजार रहा।
खास बात कि अलाव जलवाने के लिए जिला प्रशासन के अलावा नगर प्रशासन के पास भी शासन से बजट भेजा गया है।
इसके बाद भी आम आदमी को ठंड से राहत के लिए कदम नहीं उठाया जा रहा है। दिसंबर के पहले पखवारे में अलाव जलवाने की प्रशासन ने इतिश्री कर ली है।
अलाव जलवाने के नाम पर जिले के राजस्व कर्मी आरामशीन संचालकों, लकड़ी बिक्रेताओं से लकड़ी लिए थे। उसे कुछ चुनिंदा स्थानों पर जलवाकर कागज में पूरे कर दिए थे।
अब फिर ठंड बढ़ने से रेल और बस अड्डे, तिराहे, चौराहे आदि पर आवागमन करने वाले राहगीर, यात्री ठंड से परेशान हैं।
अपर जिलाधिकारी हरीलाल यादव का कहना है कि बजट आया था और अलाव जलवाने के लिए निर्देश भी दिया गया था। ठंड के मद्देनजर अलाव जलवाना जरूरी है।
यदि नहीं जल रहा है तो मातहतों को इसके लिए निर्देशित किया जाएगा।