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गरमी के बीच मेहरबान हुए इंद्रदेव
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Sat, 13 Jun 2015 02:11 AM IST
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हालांकि प्रचंड गर्मी और धूप से तपती जमीन पर यह बारिश बेअसर साबित हुई, लेकिन पारा लुढ़कने से लोगों ने क्षणिक राहत महसूस की।
कालीन नगरी के मौसम ने शुक्रवार को अचानक मिजाज बदला। दोपहर दो बजे के आसपास आसमान में काले बादलों की जोरदार आमद हुई। आग उगलते सूर्यदेव को घटाओं ने घेरा तो तपिश से बेहाल लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की, लेकिन तेज हवा के झोंकों ने लोगों की यह खुशी भी कुछ देर में ही छीन ली। अंधड़ की शक्ल में चलीं हवाओं ने बादलों को अपने साथ उड़ा लिया। छिटपुट बादल ही बचे। 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं दोपहर बाद धूल भरी आंधी में बदल गईं। इससे कुछ देर के लिए जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर धूल का गुबार भर जाने से वाहन जहां-तहां रुक गए। शाम पांच बजे के आसपास हवाएं थमीं, लेकिन तब तक आसमान में छिटपुट बादल ही बचे थे। तब तक शाम हो चली थी। शाम छह बजते-बजते जिले के आसमान को बादलों ने फिर घेर लिया। और साढ़े छह बजे के आसपास बरसात हो गई। तकरीबन 15 मिनट की बरसात से लोगों ने क्षणिक राहत महसूस की। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। मगर, आर्द्रता का स्तर बढ़कर 52 फीसदी तक पहुंच जाने के कारण उमस के चलते पूरे दिन लोग पसीने से तर-ब-तर रहे। हल्की बरसात के बाद धान की नर्सरी में जुटे किसानों की आंखों में उम्मीदें चमक उठीं। माना जा रहा है कि अगर इससे धान की नर्सरी डालने का काम आसान हो जाएगा और धान की खेती की तैयारी जोर पकड़ेगी।
इनसेट
महुआ का पेड़ गिरा, तीन मकान क्षतिग्रस्त, चार घायल
सुरियावां। तेज आंधी ने शुक्रवार को जिले के ग्रामीण इलाकों में तबाही भी मचाई। सुरियावां थानाक्षेत्र के महजूदा में शाम छह बजे महुआ का पेड़ गिर जाने से तीन पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि चार लोग घायल हो गए। राधेश्याम यादव, यदुनाथ यादव और तहसीलदार यादव के पक्के मकान पर महुआ का पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आकर करमचंद्र यादव 30, यदुनाथ यादव 60, उमाशंकर 22 और गीतेश यादव 15 घायल हो गए। घायलों का उपचार सुरियावां के एक निजी चिकित्सालय में कराया गया।
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कालीन नगरी के मौसम ने शुक्रवार को अचानक मिजाज बदला। दोपहर दो बजे के आसपास आसमान में काले बादलों की जोरदार आमद हुई। आग उगलते सूर्यदेव को घटाओं ने घेरा तो तपिश से बेहाल लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की, लेकिन तेज हवा के झोंकों ने लोगों की यह खुशी भी कुछ देर में ही छीन ली। अंधड़ की शक्ल में चलीं हवाओं ने बादलों को अपने साथ उड़ा लिया। छिटपुट बादल ही बचे। 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं दोपहर बाद धूल भरी आंधी में बदल गईं। इससे कुछ देर के लिए जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर धूल का गुबार भर जाने से वाहन जहां-तहां रुक गए। शाम पांच बजे के आसपास हवाएं थमीं, लेकिन तब तक आसमान में छिटपुट बादल ही बचे थे। तब तक शाम हो चली थी। शाम छह बजते-बजते जिले के आसमान को बादलों ने फिर घेर लिया। और साढ़े छह बजे के आसपास बरसात हो गई। तकरीबन 15 मिनट की बरसात से लोगों ने क्षणिक राहत महसूस की। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। मगर, आर्द्रता का स्तर बढ़कर 52 फीसदी तक पहुंच जाने के कारण उमस के चलते पूरे दिन लोग पसीने से तर-ब-तर रहे। हल्की बरसात के बाद धान की नर्सरी में जुटे किसानों की आंखों में उम्मीदें चमक उठीं। माना जा रहा है कि अगर इससे धान की नर्सरी डालने का काम आसान हो जाएगा और धान की खेती की तैयारी जोर पकड़ेगी।
इनसेट
महुआ का पेड़ गिरा, तीन मकान क्षतिग्रस्त, चार घायल
सुरियावां। तेज आंधी ने शुक्रवार को जिले के ग्रामीण इलाकों में तबाही भी मचाई। सुरियावां थानाक्षेत्र के महजूदा में शाम छह बजे महुआ का पेड़ गिर जाने से तीन पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि चार लोग घायल हो गए। राधेश्याम यादव, यदुनाथ यादव और तहसीलदार यादव के पक्के मकान पर महुआ का पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आकर करमचंद्र यादव 30, यदुनाथ यादव 60, उमाशंकर 22 और गीतेश यादव 15 घायल हो गए। घायलों का उपचार सुरियावां के एक निजी चिकित्सालय में कराया गया।
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