फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Carpet Fair: More than twice the number of buyers than last year, business worth Rs 500 crore expected

कालीन मेला : पिछले साल की अपेक्षा दो गुने से ज्यादा खरीदार आए, 500 करोड़ के कारोबार की उम्मीद

Thu, 08 Oct 2026 12:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:55 AM IST
विज्ञापन
Carpet Fair: More than twice the number of buyers than last year, business worth Rs 500 crore expected
एक्सपो में अपने स्टाल पर विदेशी निर्यातक को गलीचे दिखातीं ज़ोएना। संवाद
चार दिवसीय अंतरराष्ट्री कालीन मेले के 50वे संस्करण का बुधवार को समापन हो गया। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) ने निर्यातकों से मिले फीडबैक फाॅर्म के आधार पर दावा किया कि मेले से 500 करोड़ के व्यापार का सृजन होगा। चार दिन में मेले में 45 देशों के 216 विदेशी खरीदार व 231 प्रतिनिधि शामिल हुए। साल 2025 में 215 बॉयर और इस साल 447 बॉयर शामिल हुए। पिछले साल 450 खरीदारों ने कराया था। इस बार 450 से ज्यादा विदेशी खरीदारों पंजीकरण कराया था।
विज्ञापन

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद हर साल दो में कालीन मेला आयोजत करता है। इसमें पहला मेला फरवरी माह में नईदिल्ली में आयोजित किया है। वहीं दूसरा मेला अक्तूबर में भदोही में आयोजित होता है। इस साल वैश्विक परिस्थितियों के कारण नईदिल्ली का कालीन मेला रद्द कर दिया गया था। जिसके बाद इस फेयर को लेकर निर्यातकों को काफी उम्मीद थी। जिस तरह से पिछला फेयर सीईपीसी के उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उसे देखते हुए सीईपीसी ने इस मेले को सफल बनाने के लिए सारी ताकत झोंक दी थी। चार दिनों तक चले इस मेले में कश्मीर, दिल्ली, पानीपत, जयपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, सीतापुर, आगरा भदोही आदि शहरों से कुल 223 निर्यातकों ने स्टाॅल लगाए। बीते साल की अपेक्षा इस साल निर्यातकों कालीन मेले को सकारात्मक बताया। निर्यातकों के अनुसार इस बार मेले में गंभीर बाॅयर पहुंचे थे। जिससे अच्छा ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। चेयरमैन मुकेश गोंबर ने बताया कि एक्सपो में तत्कालिक व्यवसाय का सृजन कहना बेईमानी होगी, लेकिन आने वाले महीनों में इससे 500 करोड़ का व्यवसाय ही उम्मीद बंधी है। बताया कि चार दिन के एक्सपो में 45 देशों से 216 विदेशी बाॅयर आए। बहुत से बाॅयर जो नहीं आ सके उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को भेजा। 216 बायरों के अलावा 231 बाॅयर प्रतिनिधियों ने इस गोल्डन जुबली एक्सपो में प्रतिभाग किया। इस दौरान वासिफ अंसारी, उपाध्यक्ष असलम महबूब, अनिल कुमार सिंह, संजय गुप्ता, बोधराज मल्होत्रा, इम्तियाज अहमद, मेहराज यासीन जान, दीपक खन्ना, सूर्यमणि तिवारी, पीयूष कुमार बरनवाल, रोहित गुप्ता, रवि पाटोदिया, हुसैन जाफ़र हुसैनी, कुलदीप राज वाटल, महावीर प्रताप, शौकत खान, शेख आशिक अहमद तथा सीईपीसी की ईडी डॉ. स्मिता नागरकोटी रहीं।
विज्ञापन

--

अमेरिका से आए सबसे अधिक खरीदार
इस साल कालीन मेले में यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका से 30 खरीदार आए। ब्राजील और इटली में 15-15, जर्मनी से 13, ऑस्ट्रेलिया से 11, रूस और तुर्कीये से 10-10 खरीदार व एजेंट आए। इसके अलावा यूएसए से आठ, बेल्जियम और मेक्सिको से सात-सात, फ्रांस से छह, अर्जेंटीना, जापान और स्पेन से पांच-पांच, कनाडा, चीन, यूके और यूएई से चार-चार, बेलारूस, मिस्र, भारत, इजरायल, कजाकिस्तान, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम और उज्बेकिस्तान से तीन-तीन, बहरीन, चिली, डेनमार्क, केन्या, नेपाल, सऊदी अरब, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और यूनाइटेड अरब एमिरेट्स'''' से दो-दो और ग्रीस, ग्वाटेमाला, लेबनान, न्यूजीलैंड, ओमान, दक्षिण कोरिया, स्वीडन, यूक्रेन और उरुग्वे से एक-एक खरीदार आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------------------
ब्रिक्स देशों से 106 बॉयरों में से केवल 40 खरीदार पहुंचे
इस साल कालीन मेला में ब्रिक्स देशों पर विशेष फोकस किया गया था। जिसमें ब्रिक्स देशों से 106 बॉयरों ने अपना पंजीकरण कराया था, लेकिन चार दिनों तक चले मेले में ब्रिक्स देशों से केवल 40 खरीदारों ने भाग लिया।
-----------------
चार दिन के मेले में ये रहा खास
-पहली बार ब्रिक्स देशों की भागीदारी 106 ने कराया था पंजीकरण
-20 लाख गांठों वाली 26 लाख के कीमत का कश्मीर सिल्क कालीन रहा मुख्य आकर्षण
-बिग बी के तीन पीढि़यों को दर्शाने वाली इंडो-ईरानी कालीन की रही खूब चर्चा
-साल 2025 की अपेक्षा इस साल दोगुने कारोबार के सृजन का अनुमान
-2025 की अपेक्षा इस साल 78 अधिक लगाए गए थे स्टॉल
-पहली बार कालीन मेले में बेस्ट डिजाइन वाले कालीनों को मिले अवाॅर्ड
-224 स्टॉलों में करीब 45 युवा उद्यमियों ने लगाए थे स्टॉल
-2025 साल 215 बॉयर व इस साल 447 बॉयर हुए शामिल
-----------------------------------
बीते पांच सालों में कितना हुआ कारोबार
साल - कारोबार


2022 - 400
2023 - 450
2024 - 500
2025 - 240
2026 - 500
नोट - आंकड़ें सीईपीसी की ओर से जारी किए गए हैं।
----------------------
क्या कहते हैं कालीन निर्यातक...
भदोही कारपेट एक्सपो का मुख्य लाभ यह है कि जो सैकड़ो बाॅयर यहां आते हैं वे प्रतिष्ठानों के विजिट भी करते हैं। इसका सीधा लाभ भदोही के उद्यमियों को मिलता है। इसका आयोजन लगातार होना चाहिए। सुहैल अकबर अंसारी, निर्यातक (फोटो...)

--

कालीन मेले में बायरों की संख्या भले ही अच्छी रही लेकिन खरीदारी उतने उत्साह से नहीं हुई। अंतिम दिन पूरी तरह से बेकार रहा। प्रथम दिन सबसे अच्छा रहा। और बेहतर बनाने के लिए सोचना होगा। श्याम नारायण यादव, निर्यातक (फोटो...)
--

कालीन मेले को व्यवस्था के लिहाज से और बेहतर करना होगा। बाॅयरों की भागीदारी के लिहाज से एक्सपो बहुत अच्छा रहा। यह एक्सपो भदोही के लिए वरदान है क्योंकि बाॅयर प्रतिष्ठानों का दौरा भी करते हैं। शादाब हुसैन गोल्दी, निर्यातक (फोटो..)

--
कारपेट सकारात्मक रहा। स्टाल पर अच्छे खरीदार आए। सबसे अच्छी बात यह रही कि बायरों को भदोही तक लाने में यह कारपेट एक्सपो कारगर सिद्ध हो रहा है यह क्षेत्र के लिए अच्छी बात है। हबीब अंसारी, निर्यातक (फोटो...)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed