{"_id":"602565d38ebc3ee974200525","slug":"broken-digh-rajwaha-wheat-crop-submerged-bhadohi-news-vns5741548147","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटा डीघ रजवाहा, गेहूं की फसल जलमग्न हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटा डीघ रजवाहा, गेहूं की फसल जलमग्न हुई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वहिदानगर। क्षेत्र में स्थित डीघ रजवाहा बुधवार को देर शाम दुगुना-महादेवा गांव के पास टूट गया। रजवाहा टूटने से कई आस पास के कई किसानों के लगभग 50 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। रजवाहा टूटने की जानकारी होने पर इलाकें के किसानों ने लगभग दो घंटे तक मशक्कत कर रजवाहा को किसी तरह फिर से बांधा। वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय लोगों द्वारा सिचाई विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इस दौरान डॉ. धर्मराज यादव, खेतल प्रजापति, ओमप्रकाश यादव, गिरधारीलाल पाल, पंधारी पाल, संतोष कुमार, राजेंद्र प्रसाद, मनीष, लालजी आदि किसानों ने विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि रोस्टर के एक सप्ताह बाद किसी तरह मुख्य नहर में पानी छोड़कर डीघ रजवाहा का फाटक खोल दिया गया, लेकिन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त राजवाहा का ध्यान नहीं रखा गया। नतीजतन रजवाहा टूटने की घटना हुई जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हुई । इसके अलावा किसानों ने चेतावनी दी कि विभाग ने राजवाहा की सफाई कराकर क्षतिग्रस्त पटरियों को दुरुस्त नहीं कराया तो किसान सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में एक्सईएन नहर वीबी सिंह ने कहा कि स्थलीय जांच कराकर किसानों के हित में कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन
इस दौरान डॉ. धर्मराज यादव, खेतल प्रजापति, ओमप्रकाश यादव, गिरधारीलाल पाल, पंधारी पाल, संतोष कुमार, राजेंद्र प्रसाद, मनीष, लालजी आदि किसानों ने विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि रोस्टर के एक सप्ताह बाद किसी तरह मुख्य नहर में पानी छोड़कर डीघ रजवाहा का फाटक खोल दिया गया, लेकिन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त राजवाहा का ध्यान नहीं रखा गया। नतीजतन रजवाहा टूटने की घटना हुई जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हुई । इसके अलावा किसानों ने चेतावनी दी कि विभाग ने राजवाहा की सफाई कराकर क्षतिग्रस्त पटरियों को दुरुस्त नहीं कराया तो किसान सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में एक्सईएन नहर वीबी सिंह ने कहा कि स्थलीय जांच कराकर किसानों के हित में कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन