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Bhadohi News: बिना एचएसआरपी के फर्राटे भर रही एंबुलेंस
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ज्ञानपुर। विभागीय उदासीनता और एआरटीओ की लापरवाही से जिले में लगभग आधा दर्जन एंबुलेंस बिना हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट के दौड़ रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी भी सब कुछ जानते हुए अनजान बने बैठे हैं। एचएसआरपी नंबर प्लेट न होने पर दस हजार रुपये के जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
ज्ञानपुर, भदोही, चौरी, औराई, गोपीगंज, सुरियावां, मोढ, जंगीगंज आदि क्षेत्रों में धड़ल्ले से एंबुलेंस बिना एचएसआरपी के फर्राटे भर रहीं है। जिला चिकित्सालय में हर दिन एक दो एंबुलेंस बिना एचएसआरपी के दिख जाएगी। अमूमन देखा जाता है कि एंबुलेंस में गंभीर मरीज होने के कारण जांच अधिकारी एंबुलेंस को रोकते नहीं है, बल्कि साइड हो जाते हैं। आम आदमी के वाहन पर एसएसआरपी नहीं है तो 5000 से लेकर 1000 हजार रुपये का जुर्माना काटा जाता है, लेकिन एंबुलेंस संचालकों पर कार्रवाई नहीं होती है। कई एंबुलेंस बिना मानक के ही फरार्ट भर रही है। जिससे मरीज के जान को जोखिम रहता है। स्वास्थ्य समिति के समीक्षा बैठक में एंबुलेंस को लेकर कोई खास पहल भी नहीं की जाती है। समय-समय पर एंबुलेंस का चेकअप भी होना चाहिए, लेकिन ऐसा होता नहीं।
जनपद के निजी अस्पताल संचालकों द्वारा दर्जनों एंबुलेंस बिना फिटनेस और एचएसआपी के दौड़ाए जा रहे हैं। लेकिन इनपर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एआरटीओ के सहायक संभागीय अधिकारी परमेंद्र कुमार ने बताया कि बिना एचएसआरपी के चल रही एंबुलेंस पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना काटने का प्रावधान है। यदि एचएसआरपी के कोई एंबुलेंस दिखती है तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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सारी एंबुलेंस में हाई सिक्युरेटी नंबर प्लेट लगा है, पुरानी एंबुलेंस को डिस्पोज कर दिया गया है। दो महीने पहले 9 एंबुलेंस को स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में शामिल किया गया। एंबुलेंस की मॉटरीग निरंतर की जाती है।
-- डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।
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ज्ञानपुर, भदोही, चौरी, औराई, गोपीगंज, सुरियावां, मोढ, जंगीगंज आदि क्षेत्रों में धड़ल्ले से एंबुलेंस बिना एचएसआरपी के फर्राटे भर रहीं है। जिला चिकित्सालय में हर दिन एक दो एंबुलेंस बिना एचएसआरपी के दिख जाएगी। अमूमन देखा जाता है कि एंबुलेंस में गंभीर मरीज होने के कारण जांच अधिकारी एंबुलेंस को रोकते नहीं है, बल्कि साइड हो जाते हैं। आम आदमी के वाहन पर एसएसआरपी नहीं है तो 5000 से लेकर 1000 हजार रुपये का जुर्माना काटा जाता है, लेकिन एंबुलेंस संचालकों पर कार्रवाई नहीं होती है। कई एंबुलेंस बिना मानक के ही फरार्ट भर रही है। जिससे मरीज के जान को जोखिम रहता है। स्वास्थ्य समिति के समीक्षा बैठक में एंबुलेंस को लेकर कोई खास पहल भी नहीं की जाती है। समय-समय पर एंबुलेंस का चेकअप भी होना चाहिए, लेकिन ऐसा होता नहीं।
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जनपद के निजी अस्पताल संचालकों द्वारा दर्जनों एंबुलेंस बिना फिटनेस और एचएसआपी के दौड़ाए जा रहे हैं। लेकिन इनपर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एआरटीओ के सहायक संभागीय अधिकारी परमेंद्र कुमार ने बताया कि बिना एचएसआरपी के चल रही एंबुलेंस पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना काटने का प्रावधान है। यदि एचएसआरपी के कोई एंबुलेंस दिखती है तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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सारी एंबुलेंस में हाई सिक्युरेटी नंबर प्लेट लगा है, पुरानी एंबुलेंस को डिस्पोज कर दिया गया है। दो महीने पहले 9 एंबुलेंस को स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में शामिल किया गया। एंबुलेंस की मॉटरीग निरंतर की जाती है।