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नवोदय में 24 छात्र-छात्राओं का प्रवेश रोका
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ज्ञानपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानपुर में 24 छात्र-छात्राओं का रिजल्ट संदिग्ध होने पर छठवीं कक्षा में प्रवेश रोक दिया गया। नवोदय विद्यालय समिति ने यह निर्णय लिया है। मामले में स्कूल संचालक और अभिभावकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिले में कुछ माह पूर्व जवाहर नवोदय विद्यालय में छठवीं कक्षा की 80 सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा कराई गई थी। जिसमें तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। करीब माह भर पूर्व उसका रिजल्ट जारी किया गया। जिसमें अच्छे नंबर लाने वाले 80 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण होकर स्कूल की मेरिट में शामिल हुए। विद्यालय समिति की ओर से जांच की गई तो पाया गया कि उत्तीर्ण होने वाले 24 छात्र-छात्राएं पूर्व में भी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे। वह भी नाम, पिता का नाम और गांव का नाम बदलकर परीक्षा में शामिल हुए थे। मामला संज्ञान में आने पर चिन्हित ऐसे छात्र-छात्राओं का प्रवेश रोक दिया गया है। उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन शुरू किया गया। जिन स्कूलों में उनका पंजीकरण था उन्हें और अभिभावकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुछ अभिभावकों ने जवाब दे दिया है, लेकिन अब भी कई छात्र-छात्राओं के अभिभावक स्कूल नहीं पहुंचे। जिससे ऐसे छात्र-छात्राओं का प्रवेश होना मुश्किल दिख रहा है।
प्राचार्य सीएम सिंह ने बताया कि 20 से अधिक छात्र-छात्राओं का रिजल्ट संदिग्ध है। वह रिपीटर प्रतीत हो रहे हैं। स्कूल नियमावली में यह जालसाजी है। ऐसा करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी। मामले में अभिभावकों और स्कूल संचालकों को तलब किया गया है। अगर इनका प्रवेश संभव नहीं होगा तो मेरिट में शामिल नीचे के बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा। बताते चलें कि कुछ कोचिंग संस्थान बच्चों का नवोदय में प्रवेश दिलाने के लिए अभिभावकों से मोटी रकम लेते हैं। दो से तीन बार परीक्षा में उन्हें शामिल कराते हैं। पूर्व में ज्यादातर व्यवस्थाएं ऑनलाइन नहीं थे, लेकिन अब सब कुछ ऑनलाइन हो गया है। इससे अब ऐसे बच्चे पकड़ में आ जा रहे हैं।
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जिले में कुछ माह पूर्व जवाहर नवोदय विद्यालय में छठवीं कक्षा की 80 सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा कराई गई थी। जिसमें तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। करीब माह भर पूर्व उसका रिजल्ट जारी किया गया। जिसमें अच्छे नंबर लाने वाले 80 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण होकर स्कूल की मेरिट में शामिल हुए। विद्यालय समिति की ओर से जांच की गई तो पाया गया कि उत्तीर्ण होने वाले 24 छात्र-छात्राएं पूर्व में भी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे। वह भी नाम, पिता का नाम और गांव का नाम बदलकर परीक्षा में शामिल हुए थे। मामला संज्ञान में आने पर चिन्हित ऐसे छात्र-छात्राओं का प्रवेश रोक दिया गया है। उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन शुरू किया गया। जिन स्कूलों में उनका पंजीकरण था उन्हें और अभिभावकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुछ अभिभावकों ने जवाब दे दिया है, लेकिन अब भी कई छात्र-छात्राओं के अभिभावक स्कूल नहीं पहुंचे। जिससे ऐसे छात्र-छात्राओं का प्रवेश होना मुश्किल दिख रहा है।
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प्राचार्य सीएम सिंह ने बताया कि 20 से अधिक छात्र-छात्राओं का रिजल्ट संदिग्ध है। वह रिपीटर प्रतीत हो रहे हैं। स्कूल नियमावली में यह जालसाजी है। ऐसा करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी। मामले में अभिभावकों और स्कूल संचालकों को तलब किया गया है। अगर इनका प्रवेश संभव नहीं होगा तो मेरिट में शामिल नीचे के बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा। बताते चलें कि कुछ कोचिंग संस्थान बच्चों का नवोदय में प्रवेश दिलाने के लिए अभिभावकों से मोटी रकम लेते हैं। दो से तीन बार परीक्षा में उन्हें शामिल कराते हैं। पूर्व में ज्यादातर व्यवस्थाएं ऑनलाइन नहीं थे, लेकिन अब सब कुछ ऑनलाइन हो गया है। इससे अब ऐसे बच्चे पकड़ में आ जा रहे हैं।
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