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Bhadohi News: 37 जर्जर भवनों पर नहीं चला प्रशासन का हथौड़ा, नोटिस भेज निभा ली जिम्मेदारी
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ज्ञानपुर। जनपद के सात निकायों में 37 जर्जर मकानों पर प्रशासन का हथौड़ा नहीं चला है। विभाग नोटिस भेजकर अपनी जिम्मेदारी निभा चुका है। यह भवन बाजार के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हैं। बारिश के मौसम में इन भवनों के गिरने की आशंका है।
भदोही व गोपीगंज नगर पालिका के अलावा ज्ञानपुर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया और नईबाजार नगर पंचायत में 55 ऐसे मकान हैं, जो जर्जर हैं। यह मकान इतने जर्जर हैं कि कब गिर जाएं, कोई भरोसा नहीं। हर साल मानसून सीजन से पहले प्रशासन जर्जर मकानों का चिह्नांकन करके ध्वस्तीकरण की नोटिस जारी करता है।
नियमानुसार जर्जर भवन को स्वामी स्वयं ध्वस्त कर देते हैं या फिर निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है। अमर उजाला की टीम ने निकायों की पड़ताल की। इसमें सात निकायों में 37 ऐसे मकान मिले, जो जर्जर हो चुके हैं। इसमें आठ ऐसे हैं जो भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हैं।
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जर्जर भवन में चल रहे सरकारी कार्यालय : जर्जर भवन में न सिर्फ लोग रह रहे हैं, बल्कि सरकारी कार्यालय भी चल रहे हैं। ज्ञानपुर के मिश्रा मार्केट के बगल में स्थित अल्पसंख्यक और सेवायोजन विभाग का कार्यालय भी जर्जर भवन में है। सालों से किराए के भवन में चल रहे कार्यालयों में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारी डर के साये में काम कर रहे हैं। लिप्पन चौराहे के पास तीन मंजिला भवन जर्जर : लिप्पन चौराहे के पास तीन मंजिला भवन जर्जर है। यहां हमेशा भीड़भाड़ रहती है। खमरिया वार्ड पांच के मुख्य बाजार में बस्ती के बीचोबीच दो मंजिला जर्जर भवन हादसे को दावत दे रहा है। ज्ञानपुर के मिश्रा बाजार के पास भी 100 से 150 लोगों का जमावड़ा रहता है। यहां भी एक भवन जर्जर है।
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भदोही व गोपीगंज नगर पालिका के अलावा ज्ञानपुर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया और नईबाजार नगर पंचायत में 55 ऐसे मकान हैं, जो जर्जर हैं। यह मकान इतने जर्जर हैं कि कब गिर जाएं, कोई भरोसा नहीं। हर साल मानसून सीजन से पहले प्रशासन जर्जर मकानों का चिह्नांकन करके ध्वस्तीकरण की नोटिस जारी करता है।
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नियमानुसार जर्जर भवन को स्वामी स्वयं ध्वस्त कर देते हैं या फिर निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है। अमर उजाला की टीम ने निकायों की पड़ताल की। इसमें सात निकायों में 37 ऐसे मकान मिले, जो जर्जर हो चुके हैं। इसमें आठ ऐसे हैं जो भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हैं।
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जर्जर भवन में चल रहे सरकारी कार्यालय : जर्जर भवन में न सिर्फ लोग रह रहे हैं, बल्कि सरकारी कार्यालय भी चल रहे हैं। ज्ञानपुर के मिश्रा मार्केट के बगल में स्थित अल्पसंख्यक और सेवायोजन विभाग का कार्यालय भी जर्जर भवन में है। सालों से किराए के भवन में चल रहे कार्यालयों में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारी डर के साये में काम कर रहे हैं। लिप्पन चौराहे के पास तीन मंजिला भवन जर्जर : लिप्पन चौराहे के पास तीन मंजिला भवन जर्जर है। यहां हमेशा भीड़भाड़ रहती है। खमरिया वार्ड पांच के मुख्य बाजार में बस्ती के बीचोबीच दो मंजिला जर्जर भवन हादसे को दावत दे रहा है। ज्ञानपुर के मिश्रा बाजार के पास भी 100 से 150 लोगों का जमावड़ा रहता है। यहां भी एक भवन जर्जर है।