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सर सैय्यद अहमद डे कार्यक्रम
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:50 AM IST
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तरक्की करना है तो उदार बने : इफाकत अली
सर सैय्यद अहमद खां की 200वीं जयंती पर आयोजित किया गया कार्यक्रम
भदोही।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज इफाकत अली खां ने कहा कि हमें और आपको विकास करना है तो उदार होना पड़ेगा। उदारता से कुछ भी हासिल किया जा सकता। इस्लाम सिखाता है कि पड़ोसी किसी भी धर्म का हो उसके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। वे रविवार की शाम एक होटल में सर सैय्यद अहमद खां की 200वीं जयंती पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि समाज में ऊंचाइयां हासिल करने के लिए उदारता मुख्य सीढ़ी है। कोई जरूरतमंद हो तो उसकी जरूरत पूरा करें। आपका पड़ोसी कोई भी हो, किसी भी धर्म से ताल्लुक रखता हो उसे आपकी जरूरत है तो उसे पूरा करें। सर सैय्यद अहमद ऊंचा मकाम रखते हुए भी गरीबों की सेवा की। उन्हें मालूम था कि तरक्की के लिए शिक्षा बेहद अहम है। इसलिए उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी की नींव रखी। आज पूरी दुनियां में एएमयू के छात्र डंका बजा रहे हैं। कहा कि अगर सर सैय्यद को खिराजे अकीदत पेश करनी हो तो गरीबों और महिलाओं की शिक्षा के लिए काम करें। उन्होंने मौजूद अलीगेरियन से कहा कि दीनी तालीम के साथ-साथ अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा भी दें।
हमदर्द लेबरोट्रीज नई दिल्ली के लीगल हेड, जावेद अख्तर ने कहा कि सर सैय्यद अहमद को महात्मा गांधी ने प्राफेट आफ एजूकेशन बताया था। उनके निधन पर लंदन के अखबार द टाइम्स ने संपादकीय में जगह दी थी। नगर के चिकित्सक, डा. कमाल अहमद अंसारी ने कहा कि हम सभी को सर सैय्यद का शुक्रगुजार होना चाहिए। जिन्होंने हमें एक मुकाम तक पहुंचाया। अशफाक अहमद अंसारी ने 1970 के दशक की कुछ यादें मौजूद लोगों से साझा की। अध्यक्षता जावेद अंसारी ने और संचालन मुशीर इकबाल ने किया। शुरुआत कारी नजीर के तिलावते कलाम पाक और फिर कौमी तराना सारे जहां से अच्छा से हुआ। अरशद अंसारी, उजैर महमूद, राशिद कमर, उमैर महमूद, इंतखाब वजीरी, मोइन इंजीनयर, समूना मुशीर ने अतिथियों का स्वागत किया। हाजी यूसुफ इमाम, साबिर अंसारी, रियाज अहमद, अरशद वजीरी, शाहिद एकराम, शाहिद जमाल, मुश्ताक़ अंसारी, लियाकत अली खान, सिद्दीक अंसारी, शारिक अंसारी, वसीम अंसारी, आफताब आलम, मतीन अंसारी, डा. अजहर आसिफ अंसारी, खालिद केटू मौजूद थे। शाबान करीमी ने अतिथियों के स्वागत में नज्म पेश किए।
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सर सैय्यद अहमद खां की 200वीं जयंती पर आयोजित किया गया कार्यक्रम
भदोही।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज इफाकत अली खां ने कहा कि हमें और आपको विकास करना है तो उदार होना पड़ेगा। उदारता से कुछ भी हासिल किया जा सकता। इस्लाम सिखाता है कि पड़ोसी किसी भी धर्म का हो उसके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। वे रविवार की शाम एक होटल में सर सैय्यद अहमद खां की 200वीं जयंती पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि समाज में ऊंचाइयां हासिल करने के लिए उदारता मुख्य सीढ़ी है। कोई जरूरतमंद हो तो उसकी जरूरत पूरा करें। आपका पड़ोसी कोई भी हो, किसी भी धर्म से ताल्लुक रखता हो उसे आपकी जरूरत है तो उसे पूरा करें। सर सैय्यद अहमद ऊंचा मकाम रखते हुए भी गरीबों की सेवा की। उन्हें मालूम था कि तरक्की के लिए शिक्षा बेहद अहम है। इसलिए उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी की नींव रखी। आज पूरी दुनियां में एएमयू के छात्र डंका बजा रहे हैं। कहा कि अगर सर सैय्यद को खिराजे अकीदत पेश करनी हो तो गरीबों और महिलाओं की शिक्षा के लिए काम करें। उन्होंने मौजूद अलीगेरियन से कहा कि दीनी तालीम के साथ-साथ अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा भी दें।
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हमदर्द लेबरोट्रीज नई दिल्ली के लीगल हेड, जावेद अख्तर ने कहा कि सर सैय्यद अहमद को महात्मा गांधी ने प्राफेट आफ एजूकेशन बताया था। उनके निधन पर लंदन के अखबार द टाइम्स ने संपादकीय में जगह दी थी। नगर के चिकित्सक, डा. कमाल अहमद अंसारी ने कहा कि हम सभी को सर सैय्यद का शुक्रगुजार होना चाहिए। जिन्होंने हमें एक मुकाम तक पहुंचाया। अशफाक अहमद अंसारी ने 1970 के दशक की कुछ यादें मौजूद लोगों से साझा की। अध्यक्षता जावेद अंसारी ने और संचालन मुशीर इकबाल ने किया। शुरुआत कारी नजीर के तिलावते कलाम पाक और फिर कौमी तराना सारे जहां से अच्छा से हुआ। अरशद अंसारी, उजैर महमूद, राशिद कमर, उमैर महमूद, इंतखाब वजीरी, मोइन इंजीनयर, समूना मुशीर ने अतिथियों का स्वागत किया। हाजी यूसुफ इमाम, साबिर अंसारी, रियाज अहमद, अरशद वजीरी, शाहिद एकराम, शाहिद जमाल, मुश्ताक़ अंसारी, लियाकत अली खान, सिद्दीक अंसारी, शारिक अंसारी, वसीम अंसारी, आफताब आलम, मतीन अंसारी, डा. अजहर आसिफ अंसारी, खालिद केटू मौजूद थे। शाबान करीमी ने अतिथियों के स्वागत में नज्म पेश किए।
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