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सभी छह खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:16 AM IST
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ज्ञानपुर। साढ़े चार करोड़ रुपये भेजने के बाद भी स्कूलों की रंगाई-पुताई एवं मरम्मत का काम अधूरा होने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी छह खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के रंगाई-पुताई, मरम्मत एवं अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद के लिए कंपोजिट मद में शासन से जिले को चार करोड़ 63 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई थी। नवंबर के पहले सप्ताह में विभाग की ओर से साढ़े चार करोड़ रुपये स्कूल प्रबंध समिति के खाते में भेज दी गई। करीब महीने भर का समय गुजरने वाला है, लेकिन अधिसंख्य विद्यालयों में न तो रंगाई-पुताई हुई और न ही अन्य कार्य कराए गए। विभाग की ओर से भेजी गई रकम खातों में डंप पड़ी है। मामला तब खुला, जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने स्कूलों का निरीक्षण किया। मामले को संज्ञान में लेते हुए उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा। कहा कि एक सप्ताह के अंदर सभी कार्य कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाए। बताते चलें कि परिषदीय स्कूलों में छात्रसंख्या के आधार पर शासन ने कंपोजिट ग्रांट मद में चार करोड़ 63 लाख रुपये का आवंटन किया था। इसमें छात्रसंख्या के आधार पर स्कूलों को भेजा गया। जिले के 1143 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को शून्य से 14 तक के बच्चों की संख्या वाले स्कूलों को 12 हजार 500, 15 से 100 के लिए 25 हजार, 101 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 251 से एक हजार बच्चों पर 75 हजार और एक हजार से अधिक बच्चों वाले स्कूलों में एक लाख के हिसाब से रकम भेजी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि मरम्मत एवं रंगाई-पुताई में खामी मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के रंगाई-पुताई, मरम्मत एवं अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद के लिए कंपोजिट मद में शासन से जिले को चार करोड़ 63 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई थी। नवंबर के पहले सप्ताह में विभाग की ओर से साढ़े चार करोड़ रुपये स्कूल प्रबंध समिति के खाते में भेज दी गई। करीब महीने भर का समय गुजरने वाला है, लेकिन अधिसंख्य विद्यालयों में न तो रंगाई-पुताई हुई और न ही अन्य कार्य कराए गए। विभाग की ओर से भेजी गई रकम खातों में डंप पड़ी है। मामला तब खुला, जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने स्कूलों का निरीक्षण किया। मामले को संज्ञान में लेते हुए उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा। कहा कि एक सप्ताह के अंदर सभी कार्य कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाए। बताते चलें कि परिषदीय स्कूलों में छात्रसंख्या के आधार पर शासन ने कंपोजिट ग्रांट मद में चार करोड़ 63 लाख रुपये का आवंटन किया था। इसमें छात्रसंख्या के आधार पर स्कूलों को भेजा गया। जिले के 1143 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को शून्य से 14 तक के बच्चों की संख्या वाले स्कूलों को 12 हजार 500, 15 से 100 के लिए 25 हजार, 101 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 251 से एक हजार बच्चों पर 75 हजार और एक हजार से अधिक बच्चों वाले स्कूलों में एक लाख के हिसाब से रकम भेजी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि मरम्मत एवं रंगाई-पुताई में खामी मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जाएगी।
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