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नाला निर्माण का मामला पहुंचा डीएम कार्यालय
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ज्ञानपुर। नेशनल राजमार्ग संख्या दो पर चल रहे सिक्सलेन निर्माण कार्य पर कभी अंडर पास तो कभी जाम को लेकर विवाद है। अब जंगीगंज बाजार के साथ-साथ चार गांवों की जलनिकासी समस्या ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर अविलंब समाधान की मांग की। चेतावनी दिया कि निस्तारण न होने पर वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता रमेश पाल के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि बाजार के पश्चिमी और पूर्वी छोर को जोड़ते हुए बारिश एवं घरों से निकलने वाले गंदे पानी का एकमात्र रास्ता वृहद नाला है जो सीधे गंगा की ओर बहता है। उत्तरी छोर के धनतुलसी मोड़-सिंचाई कालोनी और पश्चिमी सीमा ऊंज से बह रहे शारदा सहायक रजवाहा का पानी इसी रास्ते होकर रुद्र तालाब स्थित पुल संख्या 734-700 में मिलता है। सिक्सलेन निर्माण के अंतर्गत नाला का निर्माण तो कराया जा रहा है लेकिन नाला का संपर्क रुद्र तालाब से न कर बंद करने की योजना तय कर ली गई। जबकि गत वर्ष ग्रामीण, बाजारवासी, व्यापारी आदि जलप्लावन का दंश झेल चुके हैं। सांसद और जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर जेसीबी मशीन लगाकर पानी की निकासी करा राहत दिलाई गई थी लेकिन एनएचएआई और निर्माण एजेंसी इसे नहीं समझ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देख जिलाधिकारी ने प्राधिकरण के साथ स्थलीय निरीक्षण कराकर निदान का भरोसा दिलाया। इस दौरान बृजभूषण मिश्र, सुरेश कुमार, हीरालाल, रत्नेश कुमार, रामसजीवन, रमाकांत, हरिशंकर, राजाराम, महेश शुक्ला, धीरज, राजीव मिश्रा, योगेश दुबे, सुखराज मौर्य, गुलाम हुसैन, जुलेखा बेगम आदि शामिल रहे।
इनसेट
नहीं मिला मुआवजा, टेंट बना सहारा
ज्ञानपुर। औराई तहसील के राजमार्ग से जुड़े जयरामपुर में चार दिन पूर्व अतिक्रमण की जद में आने वाले मकानों का मुआवजा न मिलने से परिवार वाले परेशान हैं। पीड़ित परिवार टेंट लगाकर जीवन-यापन करने को विवश हैं। सोमवार को मुनीर अहमद ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंप मुआवजा दिलाने की मांग की। चेताया कि अविलंब पहल न होने पर आमरण अनशन करेंगे।
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सामाजिक कार्यकर्ता रमेश पाल के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि बाजार के पश्चिमी और पूर्वी छोर को जोड़ते हुए बारिश एवं घरों से निकलने वाले गंदे पानी का एकमात्र रास्ता वृहद नाला है जो सीधे गंगा की ओर बहता है। उत्तरी छोर के धनतुलसी मोड़-सिंचाई कालोनी और पश्चिमी सीमा ऊंज से बह रहे शारदा सहायक रजवाहा का पानी इसी रास्ते होकर रुद्र तालाब स्थित पुल संख्या 734-700 में मिलता है। सिक्सलेन निर्माण के अंतर्गत नाला का निर्माण तो कराया जा रहा है लेकिन नाला का संपर्क रुद्र तालाब से न कर बंद करने की योजना तय कर ली गई। जबकि गत वर्ष ग्रामीण, बाजारवासी, व्यापारी आदि जलप्लावन का दंश झेल चुके हैं। सांसद और जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर जेसीबी मशीन लगाकर पानी की निकासी करा राहत दिलाई गई थी लेकिन एनएचएआई और निर्माण एजेंसी इसे नहीं समझ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देख जिलाधिकारी ने प्राधिकरण के साथ स्थलीय निरीक्षण कराकर निदान का भरोसा दिलाया। इस दौरान बृजभूषण मिश्र, सुरेश कुमार, हीरालाल, रत्नेश कुमार, रामसजीवन, रमाकांत, हरिशंकर, राजाराम, महेश शुक्ला, धीरज, राजीव मिश्रा, योगेश दुबे, सुखराज मौर्य, गुलाम हुसैन, जुलेखा बेगम आदि शामिल रहे।
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नहीं मिला मुआवजा, टेंट बना सहारा
ज्ञानपुर। औराई तहसील के राजमार्ग से जुड़े जयरामपुर में चार दिन पूर्व अतिक्रमण की जद में आने वाले मकानों का मुआवजा न मिलने से परिवार वाले परेशान हैं। पीड़ित परिवार टेंट लगाकर जीवन-यापन करने को विवश हैं। सोमवार को मुनीर अहमद ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंप मुआवजा दिलाने की मांग की। चेताया कि अविलंब पहल न होने पर आमरण अनशन करेंगे।
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