PM Kisan Yojana: यूपी के इस जिले में 6459 पति-पत्नी ले रहे सम्मान निधि, अब होगी रिकवरी
Bhadohi News: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पीएम सम्मान निधि में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां 6459 पति-पत्नी योजना का लाभ लेते पाए गए हैं। अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
विस्तार
जिले में हैं 46 हजार लाभार्थी
जिले में कुल दो लाख 46 हजार पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं। एक लाख 95 हजार को योजना की 19वीं किस्त भी मिल चुकी है। जिले में फॉर्मर रजिस्ट्री बनाने का कार्य चल रहा है। इसमें उनकी खेती संग परिवार और पता आदि का लेखा-जोखा रहेगा।
फॉर्मर आईडी और आधार से शासन स्तर पर जिले के 6459 पति-पत्नी की सूची तैयार की गई है, जिनके द्वारा किसान सम्मान निधि का दोहरा लाभ लिया जा रहा है। कृषि निदेशालय से दंपतियों की भेजी गई सूची का परीक्षण करने के लिए विभाग सत्यापन कराने में लगा है।
दो हजार घरों में पहुंचकर किया जा चुका है सत्यापन
अब तक दो हजार से अधिक किसानों के घर पहुंचकर सत्यापन किया जा चुका है। जांच में पति और पत्नी दोनों किसान सम्मान निधि लेते पाए गए तो एक सदस्य की सम्मान निधि रोकने के साथ वसूली भी होगी। इसके लिए उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। इसमें पत्नी की सम्मान निधि जारी रह सकती है और पति की रोकी जाएगी। बता दें कि दो साल पूर्व ढाई हजार आयकरदाता भी योजना का लाभ लेते मिले थे। जिन पर डेढ़ करोड़ की रिकवरी आई थी। इसमें 50 लाख के करीब पैसा विभाग ने वसूल लिया, लेकिन अन्य से अभी नहीं हो पाई।
दो से लेकर आठ किस्तों का लिया लाभ
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले दंपतियों में कोई दो तो किसी ने आठ किस्तों का लाभ ले लिया है। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि सत्यापन में अभी तक जो स्थिति सामने आई है उसमें कुछ ही दंपती ऐसे हैं जिन्होंने 15 किस्तों का लाभ लिया। दो से तीन किस्त लेने वालों की संख्या अधिक है।
क्या है नियम
पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत दिसंबर 2018 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देना है। योजना का लाभ परिवार के उसी सदस्य को मिलता है, जिसके नाम कृषि भूमि दस्तावेजों में दर्ज है। एक परिवार में किसान पति व पत्नी दोंनों एक साथ योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
6459 पति-पत्नी सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। इसमें 3229 की निधि रोक दी गई है। ऐसे लोगों के घर पर टीमें जाकर सत्यापन कर रही है। 30 अप्रैल तक सत्यापन पूर्ण करना है। उसके बाद रिकवरी नोटिस जारी की जाएगी। -डॉ. अश्वनी सिंह, उप निदेशक कृषि