ज्ञानपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में लिए गए सैंपल में कुछ न कुछ गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। 15 कारोबारियों के उत्पाद का सैंपल फेल हो गया। एडीएम कोर्ट ने ऐसे 15 कारोबारियों पर कुल 6.35 लाख का जुर्माना लगाया है। विधिक कार्रवाई के लिए सभी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दाखिल किया गया है। ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, गोपीगंज आदि नगरों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दूध, मिठाई, तेल और बेकरी के सामानों में मिलावट कर आम आदमी के सेहत से खिलवाड़ किया जाता है। जिसे रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें समय-समय पर छापेमारी कर सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए भेजती हैं। होली, दीपावली सहित अन्य पर्वों पर टीमें विशेष रूप से अभियान चलाकर कार्रवाई करती हैं। खाद्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल से अक्तूबर तक खाद्य से जुड़े 117 सैंपल लिया गया। लैब जांच में दूध के दो, पनीर का एक, सरसो का तेल एक, मिठाई का एक, रिफाइन का एक, बेकरी प्रोडक्ट्स का दो, पान मसाला का एक और पांच अन्य सैंपल फेल हो गए। इसमें पांच खाद्य पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक मिले। 15 कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने एडीएम कोर्ट में फाइल प्रस्तुत की गई। जिसमें 6.35 लाख जुर्माना तय हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिकारी केएन त्रिपाठी ने कहा कि कारोबारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए सीजेएम कोर्ट में वाद दाखिल किया गया है। नगर के केएनपीजी कालेज के मुख्य द्वार, दुर्गागंज त्रिमुहानी सहित कई स्थानों के आस-पास दूध कारोबारियों का सुबह शाम सजी दुकानों पर जरूरतमंद खरीदारों की भीड़ लगी रहती है। कारोबारियों की ओर से दूध में पानी मिलाया जाता है। इसकी शिकायत भी की जाती है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।