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स्कूलों में मनमाने प्रवेश पर अंकुश, होगी कार्रवाई
Updated Fri, 04 Aug 2017 01:18 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। स्कूलों में छात्र-छात्राओं के मनमाने एडमिशन को लेकर शासन ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। संसाधनों से अधिक प्रवेश लेने पर विद्यालयों पर कार्रवाई तय की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा सचिव का पत्र आने के बाद डीआईओएस ने वित्तविहीन स्कूलों को एडवाइजरी जारी कर दी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आठवीं तक छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण कर दिया जाता है, जिससे नौवीं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं। प्रत्येक वर्ष जुलाई में वित्तपोषित, राजकीय और वित्तविहीन स्कूलों में एडमिशन की होड़ लग जाती है। अच्छे मार्क से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्तीर्ण होने के लिए 70 फीसदी से अधिक छात्र-छात्राएं वित्तविहीन स्कूलों की ओर रुख करते हैं। वित्तविहीन स्कूलों के प्रबंधकों की ओर से अच्छे अंक से पास कराने की जिम्मेदारी लेने से अभिभावक भी मोटी रकम देने के लिए तैयार हो जाते हैं। जिले में करीब 175 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में 100 से अधिक वित्तविहीन हैं। 70 से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जिनमें संसाधनों का घोर अभाव है लेकिन वह नौवीं और 11वीं में मनमानी ढंग से पंजीकरण करा देते हैं जिससे बोर्ड परीक्षा के समय प्रशासन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने डीआईओएस को पत्र जारी कर कहा कि ऐसे स्कूलों को चिन्हित करें जहां संसाधन नहीं हैं लेकिन वहां एडमिशन अधिक हो गए हैं। ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीआईओएस श्याम सरोज वर्मा ने प्रबंधकों को पत्र जारी कर इसको प्रभावी करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सत्यापन के दौरान खामियां मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आठवीं तक छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण कर दिया जाता है, जिससे नौवीं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं। प्रत्येक वर्ष जुलाई में वित्तपोषित, राजकीय और वित्तविहीन स्कूलों में एडमिशन की होड़ लग जाती है। अच्छे मार्क से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्तीर्ण होने के लिए 70 फीसदी से अधिक छात्र-छात्राएं वित्तविहीन स्कूलों की ओर रुख करते हैं। वित्तविहीन स्कूलों के प्रबंधकों की ओर से अच्छे अंक से पास कराने की जिम्मेदारी लेने से अभिभावक भी मोटी रकम देने के लिए तैयार हो जाते हैं। जिले में करीब 175 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में 100 से अधिक वित्तविहीन हैं। 70 से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जिनमें संसाधनों का घोर अभाव है लेकिन वह नौवीं और 11वीं में मनमानी ढंग से पंजीकरण करा देते हैं जिससे बोर्ड परीक्षा के समय प्रशासन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने डीआईओएस को पत्र जारी कर कहा कि ऐसे स्कूलों को चिन्हित करें जहां संसाधन नहीं हैं लेकिन वहां एडमिशन अधिक हो गए हैं। ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीआईओएस श्याम सरोज वर्मा ने प्रबंधकों को पत्र जारी कर इसको प्रभावी करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सत्यापन के दौरान खामियां मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।
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