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Bhadohi News: अस्पताल संचालक के खिलाफ 45 लाख का वसूली नोटिस जारी
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जिला उपभोक्ता आयोग के न्यायाधीश संजय कुमार डे ने बृहस्पवितार को गोपीगंज के एक निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ वसूली नोटिस जारी किया। न्यायाधीश ने आयोग की ओर से सुनाए गए फैसले का पालन करने पर नोटिस थमाया। उन्होंने जिलाधिकारी से वसूली कराने की अपील की। आयोग ने प्रसव पीड़िता के इलाज में लापरवाही करने पर अस्पताल संचालक के खिलाफ 45 लाख का जुर्माना लगाया था।
ज्ञानपुर के रामपुर निवासी क्षमा पांडेय व उनके पति कुलदीप पांडेय समेत अन्य ने 13 फरवरी 2023 को डॉ. अभय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल, गोपीगंज संचालिका गीतू सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि उनके प्रसव सर्जरी में अस्पताल की ओर से लापरवाही बरती गई। बताया कि चिकित्सक ने नार्मल डिलवरी की बजाय आपरेशन की सलाह दी।
आरोप लगाया था कि चिकित्सक गीतू सिंह ने लापरवाही पूर्वक इलाज करते हुए गर्भवती को आंतों काट दिया था। जिससे पूरे शरीर में संक्रमण हो गया और रक्तस्राव होने लगा। बनारस के एक निजी अस्पताल में लंबे खर्च के बाद किसी तरह उनकी जान बच सकी। आयोग ने इस मामले में छह नवंबर, 2024 को डॉ. अभय सिंह मेमोरियल अस्पताल पर पीड़ित को 45 लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था।
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मामले में पीड़ित ने आयोग में ही पुर्नविचार याचिका डाली थी। जिसे आयोग ने खारिज कर दिया। वहीं अस्पताल संचालक के खिलाफ वसूली नोटिस जारी किया। आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि मामले में अस्पताल संचालक की पुनर्विचार याचिका खारिज कर आयोग ने वसूली नोटिस जारी किया। जिलाधिकारी से वसूली कराने की अपील की है।
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ज्ञानपुर के रामपुर निवासी क्षमा पांडेय व उनके पति कुलदीप पांडेय समेत अन्य ने 13 फरवरी 2023 को डॉ. अभय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल, गोपीगंज संचालिका गीतू सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि उनके प्रसव सर्जरी में अस्पताल की ओर से लापरवाही बरती गई। बताया कि चिकित्सक ने नार्मल डिलवरी की बजाय आपरेशन की सलाह दी।
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आरोप लगाया था कि चिकित्सक गीतू सिंह ने लापरवाही पूर्वक इलाज करते हुए गर्भवती को आंतों काट दिया था। जिससे पूरे शरीर में संक्रमण हो गया और रक्तस्राव होने लगा। बनारस के एक निजी अस्पताल में लंबे खर्च के बाद किसी तरह उनकी जान बच सकी। आयोग ने इस मामले में छह नवंबर, 2024 को डॉ. अभय सिंह मेमोरियल अस्पताल पर पीड़ित को 45 लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था।
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मामले में पीड़ित ने आयोग में ही पुर्नविचार याचिका डाली थी। जिसे आयोग ने खारिज कर दिया। वहीं अस्पताल संचालक के खिलाफ वसूली नोटिस जारी किया। आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि मामले में अस्पताल संचालक की पुनर्विचार याचिका खारिज कर आयोग ने वसूली नोटिस जारी किया। जिलाधिकारी से वसूली कराने की अपील की है।