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चाइनीज झालरों पर भारी पड़ रहा मिट्टी का दीप
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:09 AM IST
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ज्ञानपुर। दीपावली पर लक्ष्मी गणेश को प्रसन्न करने के लिए मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हारों ने अपने चाक की गति बढ़ा दी है। कोई मिट्टी गूंथने में लगा है तो कोई दीये को आकार देने में। मकसद सभी का दीप पर्व पर अंधेरा मिटाने का है। शनिवार को ज्ञानपुर स्थित बड़ा डीह में हफ्तेभर पहले से कुम्हार मिट्टी का दीप बनाने के जुटे हुए हैं। बड़ाडीह निवासी महाबली प्रजापति, राजबलि,कल्लू का पूरा परिवार मिट्टी के बर्तन समेत दीप बनाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया की मिट्टी से निर्मित चार, छह, बारह और चौबीस दीपों वाली मिट्टी की ग्वालिन की पूजा की जाती है। दीपावली पर लक्ष्मी और गणेश भगवान को प्रसन्न करने के लिए चाइनीज झालरों की जगह मिट्टी के दीप की मांग बढ़ने से चाक की गति बढ़ा दी गई है। इस समय हजारों हजारों मिट्टी के दीप एक दिन में बना रहे हैं। इसी तरह नगर और क्षेत्र के दर्जनभर से ज्यादा जगहों पर कुम्हार दिन रात दीपावली पर मिट्टी के दीये की आपूर्ति के लिए चाक घुमाने में लगे हैं। बाजार में दीये 40 से 50 रुपये प्रति सैकड़े के हिसाब से उपलब्ध हैं।