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डाक से सात समंदर पार भेजी जा रही राखियां
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:46 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
भाई-बहनों के बीच स्नेह का पर्व रक्षाबंधन में हफ्ते भर का समय शेष है। नगर में राखी की दूकानों पर सज गईं हैं। खरीदारी बढ़ने से राखी के बाजार चमक उठे हैं। बहनों ने देेश-परदेश में रहने वाले अपने भाइयों के लिए राखियां भेजनी शुरू कर दी है। डाक से विदेेशों में भी राखियां भेजी जा रहीं हैं। पखवारे भर में ढाई हजार बहनों ने डाक से राखियां भेजी हैं।
रक्षाबंधन सात अगस्त को है। ऐसे में दूरदराज रहने वाले भाइयों को बहनों ने राखी भेजना शुरू कर दिया है। जिले के मुख्य डाकघर से बहनें देश ही नहीं सात समंदर पार विदेशों में रहने वाले भाइयों को भी राखियां भेज रही हैं। राखी भेजने की सुविधा केवल मुख्य डाकघर में होने के नाते प्रतिदिन डेढ़ से दो सौ राखियों की बुकिंग हो रही है। इसमें एक या दो राखियों के पैकेट विदेश के पते पर होते हैं तो बाकी 99 फीसदी राखियां देश के ही किसी हिस्से में भेजी जाती हैं। जिले के मुख्य डाकघर में प्रतिदिन हो रहे करीब तीन से साढ़े तीन सौ स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री में राखियों के पैकेट की तादाद ही दो सौ के आसपास पहुंच जाती है। मुख्य डाकघर के डाकपाल मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में सिर्फ उनके यहां ही राखियां भेजने के लिए बुकिंग हो रही है। जबकि अन्य डाकघर नहीं ले रहे हैं। डाकघर में देश के अलावा विदेशों में रहने वाले भाइयों के लिए बहनें राखियां भेज रही हैं। अब तक डाकघर से यूएसए, कनाडा, ब्रिटेन, चीन, सिंगापुर कई देशों के लिए दर्जनभर से अधिक राखियां भेजी जा चुकीं हैं। बताया कि जिले में इस समय स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री से राखियां भेजी जा रही हैं। कहा कि विदेश में राखियां भेजने के लिए 94 रुपये में रजिस्ट्री और 97 रुपये में स्पीड पोस्ट हो रहा है। जबकि देश के अंदर भेजने के लिए 25 से 30 रुपये में बुकिंग होती है। अब तक करीब ढाई हजार बहनें अपने भाइयों को डाक से राखी भेज चुकी हैं।
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भाई-बहनों के बीच स्नेह का पर्व रक्षाबंधन में हफ्ते भर का समय शेष है। नगर में राखी की दूकानों पर सज गईं हैं। खरीदारी बढ़ने से राखी के बाजार चमक उठे हैं। बहनों ने देेश-परदेश में रहने वाले अपने भाइयों के लिए राखियां भेजनी शुरू कर दी है। डाक से विदेेशों में भी राखियां भेजी जा रहीं हैं। पखवारे भर में ढाई हजार बहनों ने डाक से राखियां भेजी हैं।
रक्षाबंधन सात अगस्त को है। ऐसे में दूरदराज रहने वाले भाइयों को बहनों ने राखी भेजना शुरू कर दिया है। जिले के मुख्य डाकघर से बहनें देश ही नहीं सात समंदर पार विदेशों में रहने वाले भाइयों को भी राखियां भेज रही हैं। राखी भेजने की सुविधा केवल मुख्य डाकघर में होने के नाते प्रतिदिन डेढ़ से दो सौ राखियों की बुकिंग हो रही है। इसमें एक या दो राखियों के पैकेट विदेश के पते पर होते हैं तो बाकी 99 फीसदी राखियां देश के ही किसी हिस्से में भेजी जाती हैं। जिले के मुख्य डाकघर में प्रतिदिन हो रहे करीब तीन से साढ़े तीन सौ स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री में राखियों के पैकेट की तादाद ही दो सौ के आसपास पहुंच जाती है। मुख्य डाकघर के डाकपाल मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में सिर्फ उनके यहां ही राखियां भेजने के लिए बुकिंग हो रही है। जबकि अन्य डाकघर नहीं ले रहे हैं। डाकघर में देश के अलावा विदेशों में रहने वाले भाइयों के लिए बहनें राखियां भेज रही हैं। अब तक डाकघर से यूएसए, कनाडा, ब्रिटेन, चीन, सिंगापुर कई देशों के लिए दर्जनभर से अधिक राखियां भेजी जा चुकीं हैं। बताया कि जिले में इस समय स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री से राखियां भेजी जा रही हैं। कहा कि विदेश में राखियां भेजने के लिए 94 रुपये में रजिस्ट्री और 97 रुपये में स्पीड पोस्ट हो रहा है। जबकि देश के अंदर भेजने के लिए 25 से 30 रुपये में बुकिंग होती है। अब तक करीब ढाई हजार बहनें अपने भाइयों को डाक से राखी भेज चुकी हैं।
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