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मौसम की मार, अस्पतालों में भीड़ अपार
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ज्ञानपुर। मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव से बीमारियों को पांव पसारने का मौका मिल गया है। कोल्ड डायरिया के साथ-साथ अस्थमा और सर्दी-खांसी के मरीजों की भीड़ अस्पतालों में बढ़ गई है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी और निजी अस्पतालों तक सोमवार को मौसमी बदलाव के शिकार लोगों की कतारें लगी नजर आईं। कई निजी अस्पताल मरीजों की भीड़ से खचाखच भरे रहे।
सर्दी का मौसम अमूमन स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर माना जाता है। मगर हाल के दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ ही बारिश और ओलावृष्टि का असर लोगों की सेहत पर पड़ा। हफ्तेभर पहले तक मरीजों से खाली चल रहे अस्पतालों में सोमवार को अपेक्षाकृत अधिक भीड़ दिखी। अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में छह सौ से ज्यादा मरीजों ने परामर्श लिया और इमर्जेंसी में 35 मरीज भर्ती कराए गए। सुगापुर निवासी वंशधारी मौर्य (85), सेंधपुर निवासी सुनरा देवी (80), उमरिया निवासी दुर्गावती (60), कंसापुर निवासी बब्बू प्रसाद (47), गोपीपुर की गुड़िया देवी (21), भिदिउरा निवासी उपेंद्र (55), ऋषभ पाठक (14 माह) के अलावा रवि (15), प्रद्युम्न (14), राज (4), उपेंद्र (17), भरत (40), गीता (20), अंकुर (10) समेत 35 लोगों को भर्ती कराया गया। इनमें ज्यादातर लोग सर्दी-खांसी, पेट दर्द और कोल्ड डायरिया से पीड़ित थे। इसी तरह गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को 270 मरीजों को चिकित्सकों ने परामर्श दिया। इनमें भी ज्यादातर मरीज सर्दी-खांसी और अस्थमा के थे। खास बात यह है कि यह मौसम बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा चपेट में ले रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों में उम्रदराज और बाल मरीजों की तादाद अधिक थी।
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अस्थमा और सांस के मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें
ज्ञानपुर। बढ़ती ठंड में सांस और अस्थमा के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। गिरते तापमान और सर्द हवाओं के चलते ऐसे मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी में पहुंचे मरीजों में 40 फीसदी के आसपास मरीज सांस रोग और अस्थमा के रहे। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मरीजों को ठंड में खास एहतियात बरतना चाहिए। बच्चों का ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
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यह मौसम सर्दी, खांसी और अस्थमा के मरीजों के लिए ठीक नहीं है। तापमान के उतार-चढ़ाव का असर सामान्य लोगों पर पड़ जा रहा है। ऐसे में जो पहले से पीड़ित हैं, उन्हें अपना खास ध्यान रखने की जरूरत है। ठंड महसूस हो और पेट में दर्द हो तो उसे हल्के में न लें, तुरंत किसी विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं।
डॉ. माधव बरनवाल, चिकित्सक जिला अस्पताल
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सावधानियां:
- तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच ठंड को कम समझने की लापरवाही न करें
- सर्द हवाओं से बचें, पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढंक कर रखें।
- खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ताजा भोजन ही लें।
- पानी उबालकर रखें, फिर उसे छानकर पीएं।
- बच्चों को ठंड से विशेष तौर पर बचाएं।
- तबीयत बिगड़े तो योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने में देर न करें।
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सर्दी का मौसम अमूमन स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर माना जाता है। मगर हाल के दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ ही बारिश और ओलावृष्टि का असर लोगों की सेहत पर पड़ा। हफ्तेभर पहले तक मरीजों से खाली चल रहे अस्पतालों में सोमवार को अपेक्षाकृत अधिक भीड़ दिखी। अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में छह सौ से ज्यादा मरीजों ने परामर्श लिया और इमर्जेंसी में 35 मरीज भर्ती कराए गए। सुगापुर निवासी वंशधारी मौर्य (85), सेंधपुर निवासी सुनरा देवी (80), उमरिया निवासी दुर्गावती (60), कंसापुर निवासी बब्बू प्रसाद (47), गोपीपुर की गुड़िया देवी (21), भिदिउरा निवासी उपेंद्र (55), ऋषभ पाठक (14 माह) के अलावा रवि (15), प्रद्युम्न (14), राज (4), उपेंद्र (17), भरत (40), गीता (20), अंकुर (10) समेत 35 लोगों को भर्ती कराया गया। इनमें ज्यादातर लोग सर्दी-खांसी, पेट दर्द और कोल्ड डायरिया से पीड़ित थे। इसी तरह गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को 270 मरीजों को चिकित्सकों ने परामर्श दिया। इनमें भी ज्यादातर मरीज सर्दी-खांसी और अस्थमा के थे। खास बात यह है कि यह मौसम बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा चपेट में ले रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों में उम्रदराज और बाल मरीजों की तादाद अधिक थी।
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अस्थमा और सांस के मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें
ज्ञानपुर। बढ़ती ठंड में सांस और अस्थमा के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। गिरते तापमान और सर्द हवाओं के चलते ऐसे मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी में पहुंचे मरीजों में 40 फीसदी के आसपास मरीज सांस रोग और अस्थमा के रहे। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मरीजों को ठंड में खास एहतियात बरतना चाहिए। बच्चों का ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
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यह मौसम सर्दी, खांसी और अस्थमा के मरीजों के लिए ठीक नहीं है। तापमान के उतार-चढ़ाव का असर सामान्य लोगों पर पड़ जा रहा है। ऐसे में जो पहले से पीड़ित हैं, उन्हें अपना खास ध्यान रखने की जरूरत है। ठंड महसूस हो और पेट में दर्द हो तो उसे हल्के में न लें, तुरंत किसी विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं।
डॉ. माधव बरनवाल, चिकित्सक जिला अस्पताल
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सावधानियां:
- तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच ठंड को कम समझने की लापरवाही न करें
- सर्द हवाओं से बचें, पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढंक कर रखें।
- खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ताजा भोजन ही लें।
- पानी उबालकर रखें, फिर उसे छानकर पीएं।
- बच्चों को ठंड से विशेष तौर पर बचाएं।
- तबीयत बिगड़े तो योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने में देर न करें।
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