फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   250 shrines to be removed

250 धार्मिक स्थल हट सकते हैं

Sun, 12 Jun 2016 01:44 AM IST
bhadohi
bhadohi Updated Sun, 12 Jun 2016 01:44 AM IST
विज्ञापन
250 shrines to be removed
गोपीगंज में जीटी रोड पर स्थित जामा मस्जिद।
मंदिर-मस्जिद के बहाने सरकारी जमीन पर नजर गड़ाए लोगों की मंशा को हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। सार्वजनिक स्थलों पर बनाए गए अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेश पर सरकार हरकत में आई तो जिले में करीब 250 ऐसे धार्मिक स्थल हटाए जा सकते हैं।
विज्ञापन

शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जमीन की बढ़ती मांग को देखते हुए समाजसेवा का चोला पहनकर कुछ संगठन सार्वजनिक और सरकारी जमीनों पर धार्मिक स्थल स्थापित करा देते हैं। आस्था में बहकर लोग उक्त धार्मिक स्थल के आसपास पूजा-इबादत भी शुरू कर देते हैं।
विज्ञापन


प्रशासन ऐसे स्थानों से कब्जा हटाना तो चाहता है, लेकिन वह धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला मानकर शांत हो जाता है। धीरे-धीरे यह दायरा बढ़ता चला जाता है। जिले के ज्ञानपुर, भदोही, चौरी, जंगीगंज, गोपीगंज, सुभाषनगर, बाबूसराय, महराजगंज, औराई, घोसिया, सुरियावां और मोढ़ इलाके में कई मंदिर, मस्जिद के अलावा छोटे-छोटे धार्मिक स्थल बनाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजस्व विभाग के आंकड़ों में करीब 250 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां धार्मिक स्थल के नाम पर अवैध ढंग से कब्जा है। नगरीय इलाकों में कम जगह होने के कारण ऐसे मामले कम हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में ग्रामसमाज, ऊसर, चारागाह, तालाब पर ही धार्मिक स्थल बनाकर कब्जा किया गया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद प्रशासन की हलचल बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed