सुरियावां पुलिस ने सोमवार को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा करते हुए पंचायत सहायक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन एंड्रायड मोबाइल बरामद किए। पूछताछ के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस लाइन सभागार में एसपी अभिनव त्यागी ने बताया कि कुछ महीने पहले फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी होने के मामले में सुरियावां थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान मनापुर गांव के पंचायत सहायक समेत दो आधार सुधार केंद्र संचालकों की संलिप्तता सामने आई। जांच में पता चला कि ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों को धोखे में रखकर उनकी यूजर आईडी और ईमेल का दुरुपयोग किया गया। सीआरएस पोर्टल पर फर्जी दस्तावेज और सादे कागज अपलोड कर कूटरचित तरीके से जन्म प्रमाणपत्र तैयार किए जा रहे थे।
एएसपी शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने सोमवार को मनापुर के पंचायत सहायक कृष्ण कुमार प्रजापति निवासी मनापुर, बिंद प्रदूषण केंद्र सुरियावां के संचालक प्रदीप कुमार निवासी गहरपुर, बरसठी, जौनपुर और आधार सुधार केंद्र मोढ़ पुरानी बाजार के संचालक कमलकांत यादव निवासी चककिशुनदास को बहुता मार्ग से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार तीनों के बैंक खातों में ऑनलाइन अवैध लेनदेन भी मिला है। पूछताछ में आरोपियों ने सचिव की आईडी का इस्तेमाल कर 200 से 250 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की बात स्वीकार की है।