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बाढ़ से राहत व बचाव के लिए 22 चौकियां स्थापित, 15 जून से होंगी सक्रिय
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मानसूनी बारिश शुरू होने से पूर्व बाढ़ नियंत्रण की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए 22 बाढ़ चौकियां स्थापित हो गई हैं। इन चौकियों को 15 जून से सक्रिय कर दिया जाएगा। गंगा, वरुणा और मोरवा नदी से प्रभावित होने वाले 193 गांवों पर विशेष नजर रहेगी। सभी विभागों को विशेष आपदा से बचाव व राहत पहुंचाने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश शुरू होने पर गंगा, वरुणा और मोरवा नदी से सटे गांव बाढ़ से प्रभावित होने लगते हैं। गांवों में जल भराव होने से कच्चे घर गिरने की आशंका बनी रहती है, वहीं फसलें भी नष्ट हो जाती है। उपजाऊ जमीन भी कटान से गंगा में समा जाती है। पूर्व की तरह एक बार फिर मानसून आने से पूर्व प्रशासन की ओर से 22 बाढ़ चौकियों के माध्यम से चौकसी रखने की कोशिश शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य, आपूर्ति, कृषि समेत अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को बाढ़ से प्रभावित गांवों में राहत व बचाव कार्य के लिए हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश शुरू होने के साथ ही विकास खंड ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, डीघ और औराई के 193 गांवों के लोगों की धड़कन बढ़ जाती है। बाढ़ प्रभावित इन गांवों की सुरक्षा को लेकर पहले ही प्रशासनिक तैयारी कर ली गई है। सुरक्षा की दृष्टि से 22 बाढ़ चौकियों के साथ ही गोताखोर, छोटी और बड़ी नावों की व्यवस्था कर ली गई है। विकास खंड औराई में डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर तथा विकास खंड डीघ में धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इसी तरह सुरियावां विकास खंड के करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर तथा भदोही में सर्रोई, मुंसीलाटपुर, तुलसीचक, मईहरदोपट्टी और ज्ञानपुर विकास खंड में रमईपुर, मतेथु, कसियापुर, श्रीकांतपुर व भगवानपुर आदि गांवों में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। बाढ़ से बचाव व राहत कार्य की तैयारी के मद्देनजर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने मई के शुरूआती हफ्ते में ही अधिकारियों के साथ बैठक कर अलर्ट रहने के लिए कहा था। बैठक में स्वास्थ्य, पशुपालन, तहसील प्रशासन संग अन्य विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए थे। बाढ़ नियंत्रण के नोडल नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण की तैयारी करीब-करीब पूरी हो गई है। बाढ़ से बचाव व राहत कार्य के लिए 15 जून से 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। तैयारी की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
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बारिश शुरू होने पर गंगा, वरुणा और मोरवा नदी से सटे गांव बाढ़ से प्रभावित होने लगते हैं। गांवों में जल भराव होने से कच्चे घर गिरने की आशंका बनी रहती है, वहीं फसलें भी नष्ट हो जाती है। उपजाऊ जमीन भी कटान से गंगा में समा जाती है। पूर्व की तरह एक बार फिर मानसून आने से पूर्व प्रशासन की ओर से 22 बाढ़ चौकियों के माध्यम से चौकसी रखने की कोशिश शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य, आपूर्ति, कृषि समेत अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को बाढ़ से प्रभावित गांवों में राहत व बचाव कार्य के लिए हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश शुरू होने के साथ ही विकास खंड ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, डीघ और औराई के 193 गांवों के लोगों की धड़कन बढ़ जाती है। बाढ़ प्रभावित इन गांवों की सुरक्षा को लेकर पहले ही प्रशासनिक तैयारी कर ली गई है। सुरक्षा की दृष्टि से 22 बाढ़ चौकियों के साथ ही गोताखोर, छोटी और बड़ी नावों की व्यवस्था कर ली गई है। विकास खंड औराई में डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर तथा विकास खंड डीघ में धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इसी तरह सुरियावां विकास खंड के करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर तथा भदोही में सर्रोई, मुंसीलाटपुर, तुलसीचक, मईहरदोपट्टी और ज्ञानपुर विकास खंड में रमईपुर, मतेथु, कसियापुर, श्रीकांतपुर व भगवानपुर आदि गांवों में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। बाढ़ से बचाव व राहत कार्य की तैयारी के मद्देनजर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने मई के शुरूआती हफ्ते में ही अधिकारियों के साथ बैठक कर अलर्ट रहने के लिए कहा था। बैठक में स्वास्थ्य, पशुपालन, तहसील प्रशासन संग अन्य विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए थे। बाढ़ नियंत्रण के नोडल नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण की तैयारी करीब-करीब पूरी हो गई है। बाढ़ से बचाव व राहत कार्य के लिए 15 जून से 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। तैयारी की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
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