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महकमे को नहीं लगी फार्मासिस्ट की भनक
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:12 AM IST
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महकमे को भी नहीं लगी फार्मासिस्ट की भनक
ज्ञानपुर। पीजीटी- टीजीटी पेपर आउट मामले में कार्रवाई की जद में आए फार्मासिस्ट भारत भूषण सिंह महकमे की कृपा से अक्सर गायब रहता था। इससे गिरफ्तारी के बाद भी विभाग को उसका पता ही नहीं चल सका। आरोप है कि फार्मासिस्ट कई विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। शासन स्तर तक पहुंच होने से अधिकारी भी कार्रवाई से कतराते थे।
वाराणसी सीमा पर सटे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गिर्दबड़गांव में तैनात फार्मासिस्ट भारत भूषण सिंह अक्सर ड्यूटी से नदारद रहता था। ज्यादातर समय वह बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में होने वाली नियुक्तियों की सेटिंग-गेटिंग में ही गुजारता। सूत्रों की मानें तो वह अक्सर लखनऊ में ही डेरा डाले रहता था। जिले में भी उसके कुछ सिपहसलार हैं, जो उसके पास ऐसे लोगों को पहुंचाते जो नौकरी के नाम पर मोटी रकम देने को तैयार रहते हैं। बताते हैं कि 20 से 22 अगस्त के बीच लखनऊ से एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी की। पूछताछ के बाद उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सतीश सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट अवकाश पर था, जिससे एसटीएफ की गिरफ्तारी के बारे में पता नहीं चल सका। सप्ताहभर पहले मामला संज्ञान में आने पर निदेशालय से संपर्क कर उसे निलंबित कर दिया गया।
ज्ञानपुर। पीजीटी- टीजीटी पेपर आउट मामले में कार्रवाई की जद में आए फार्मासिस्ट भारत भूषण सिंह महकमे की कृपा से अक्सर गायब रहता था। इससे गिरफ्तारी के बाद भी विभाग को उसका पता ही नहीं चल सका। आरोप है कि फार्मासिस्ट कई विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। शासन स्तर तक पहुंच होने से अधिकारी भी कार्रवाई से कतराते थे।
वाराणसी सीमा पर सटे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गिर्दबड़गांव में तैनात फार्मासिस्ट भारत भूषण सिंह अक्सर ड्यूटी से नदारद रहता था। ज्यादातर समय वह बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में होने वाली नियुक्तियों की सेटिंग-गेटिंग में ही गुजारता। सूत्रों की मानें तो वह अक्सर लखनऊ में ही डेरा डाले रहता था। जिले में भी उसके कुछ सिपहसलार हैं, जो उसके पास ऐसे लोगों को पहुंचाते जो नौकरी के नाम पर मोटी रकम देने को तैयार रहते हैं। बताते हैं कि 20 से 22 अगस्त के बीच लखनऊ से एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी की। पूछताछ के बाद उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सतीश सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट अवकाश पर था, जिससे एसटीएफ की गिरफ्तारी के बारे में पता नहीं चल सका। सप्ताहभर पहले मामला संज्ञान में आने पर निदेशालय से संपर्क कर उसे निलंबित कर दिया गया।
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