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पांच सौ कम से क्षमता वाले विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:39 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण की कवायद शुरू हो गई है। इस बार 500 परीक्षार्थियों से कम क्षमता वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। साथ ही संसाधन की कमी वाले विद्यालय भी परीक्षा केंद्र नहीं बन पाएंगे। केंद्रों के निर्धारण के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम सरोज वर्मा विद्यालयों के निरीक्षण में जीजान से जुटे हुए हैं।
परीक्षा केंद्र बनने के लिए विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक मशीन, कंप्यूटर, इनवर्टर, जनरेटर, पर्याप्त फर्नीचर, बाउंड्री वाल, मानक के अनुरूप पक्के कमरे, पंखे, बिजली, शौचालय होने जरूरी हैं। इनकी कमी होने पर विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। पिछली परीक्षा में परीक्षा के लिए 105 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से दो दर्जन से अधिक विद्यालय मानक के अनुरूप नहीं थे। शिकायतों पर इस बार शिक्षा विभाग केंद्र निर्धारण को लेकर सजग हो गया है। निर्धारण में पूरी सावधानी बरत रहा है। पिछली बार परीक्षा केंद्र बने 105 विद्यालयों में से 85 विद्यालयों का निरीक्षण अब तक जिला विद्यालय निरीक्षक कर चुके हैं। शेष 20 विद्यालय का निरीक्षण 15 सितंबर तक कर लेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र निर्धारण समिति परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करेगी। निरीक्षण में विद्यालयों में काफी खामियां मिल रही हैं। अभी तक सभी संभावित परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक मशीन नहीं लगी है। जबकि इन विद्यालयों में 20 अगस्त ये व्यवस्थाएं हो जानी चाहिए थीं। विद्यालयों में कमरे, बाउंड्रीवाल की भी कमी मिल रही हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम सरोज वर्मा ने लवकुश इंटर कॉलेज सीतामढ़ी, पं. रामनरेश इंटर कॉलेज सरावां, श्रीपति शिवसरन बिंद उच्चतर, पं रामतवंकल इंटर कॉलेज रोही, केवला देवी माध्यमिक विद्यालय विरमपुर का निरीक्षण किया। अधिकतर में सीसीटीवी कैमरे और बायोमैट्रिक मशीन लगी नहीं पाई गई। साथ ही कुछ विद्यालय 10वीं तक की मान्यता लेकर 12वीं तक की पढ़ाई कराते पाए गए। बांउड्रीवाल की कमी भी पाई गई। डीआईओएस ने विद्यालयों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि मान्यता के संबंध में बोर्ड को लिखा जाएगा।
पांच सौ से कम क्षमता वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। पूरे संसाधन वाले विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। मानक के अनुरूप ही केंद्रों का निर्धारण होगा। - श्याम सरोज वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण की कवायद शुरू हो गई है। इस बार 500 परीक्षार्थियों से कम क्षमता वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। साथ ही संसाधन की कमी वाले विद्यालय भी परीक्षा केंद्र नहीं बन पाएंगे। केंद्रों के निर्धारण के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम सरोज वर्मा विद्यालयों के निरीक्षण में जीजान से जुटे हुए हैं।
परीक्षा केंद्र बनने के लिए विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक मशीन, कंप्यूटर, इनवर्टर, जनरेटर, पर्याप्त फर्नीचर, बाउंड्री वाल, मानक के अनुरूप पक्के कमरे, पंखे, बिजली, शौचालय होने जरूरी हैं। इनकी कमी होने पर विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। पिछली परीक्षा में परीक्षा के लिए 105 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से दो दर्जन से अधिक विद्यालय मानक के अनुरूप नहीं थे। शिकायतों पर इस बार शिक्षा विभाग केंद्र निर्धारण को लेकर सजग हो गया है। निर्धारण में पूरी सावधानी बरत रहा है। पिछली बार परीक्षा केंद्र बने 105 विद्यालयों में से 85 विद्यालयों का निरीक्षण अब तक जिला विद्यालय निरीक्षक कर चुके हैं। शेष 20 विद्यालय का निरीक्षण 15 सितंबर तक कर लेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र निर्धारण समिति परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करेगी। निरीक्षण में विद्यालयों में काफी खामियां मिल रही हैं। अभी तक सभी संभावित परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक मशीन नहीं लगी है। जबकि इन विद्यालयों में 20 अगस्त ये व्यवस्थाएं हो जानी चाहिए थीं। विद्यालयों में कमरे, बाउंड्रीवाल की भी कमी मिल रही हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम सरोज वर्मा ने लवकुश इंटर कॉलेज सीतामढ़ी, पं. रामनरेश इंटर कॉलेज सरावां, श्रीपति शिवसरन बिंद उच्चतर, पं रामतवंकल इंटर कॉलेज रोही, केवला देवी माध्यमिक विद्यालय विरमपुर का निरीक्षण किया। अधिकतर में सीसीटीवी कैमरे और बायोमैट्रिक मशीन लगी नहीं पाई गई। साथ ही कुछ विद्यालय 10वीं तक की मान्यता लेकर 12वीं तक की पढ़ाई कराते पाए गए। बांउड्रीवाल की कमी भी पाई गई। डीआईओएस ने विद्यालयों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि मान्यता के संबंध में बोर्ड को लिखा जाएगा।
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पांच सौ से कम क्षमता वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। पूरे संसाधन वाले विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। मानक के अनुरूप ही केंद्रों का निर्धारण होगा। - श्याम सरोज वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
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