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नाबालिग से रेप और अपहरण में सात साल की सजा
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:46 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म मामले में दोषी पाते हुए युवक को सात साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गोपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को 20 दिसंबर 2015 को मुंशीधर, चनरा देवी पत्नी मुंशीधर एवं सीता देवी सुबह आठ बजे उसके घर से बहलाकर भगा ले गए। मामले में विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ आरोप निराधार पाए गए। इसके बाद, जंगीगंज से बरामद किशोरी के बयान पर हंडिया थानाक्षेत्र के उपरदहां निवासी मुख्य अभियुक्त सूरज सिंह चौहान के खिलाफ अदालत में चार्टशीट प्रेषित की गई। पीड़िता ने अदालत में बयान दिया कि वह सूरज सिंह के साथ अपनी मर्जी से गई थी। कोर्ट मैरिज भी की थी। लड़की नाबालिग होने, अपहरण और दुष्कर्म का मामला साबित होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश चंद्रशेखर प्रसाद की अदालत ने सूरज को दोषी पाया और सात साल की सजा सुनाई। साथ ही उसे 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया। मामले की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हसन रजा अंसारी ने की।
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गोपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को 20 दिसंबर 2015 को मुंशीधर, चनरा देवी पत्नी मुंशीधर एवं सीता देवी सुबह आठ बजे उसके घर से बहलाकर भगा ले गए। मामले में विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ आरोप निराधार पाए गए। इसके बाद, जंगीगंज से बरामद किशोरी के बयान पर हंडिया थानाक्षेत्र के उपरदहां निवासी मुख्य अभियुक्त सूरज सिंह चौहान के खिलाफ अदालत में चार्टशीट प्रेषित की गई। पीड़िता ने अदालत में बयान दिया कि वह सूरज सिंह के साथ अपनी मर्जी से गई थी। कोर्ट मैरिज भी की थी। लड़की नाबालिग होने, अपहरण और दुष्कर्म का मामला साबित होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश चंद्रशेखर प्रसाद की अदालत ने सूरज को दोषी पाया और सात साल की सजा सुनाई। साथ ही उसे 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया। मामले की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हसन रजा अंसारी ने की।
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