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पुआल के सहारे छुट्टा पशु, हादसे का इंतजार
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औराई। भदोही के अमिलोरी में देखरेख के अभाव में बारह मवेशियों की मौत के बाद भी प्रशासन संजीदा नहीं हो रहा है। औराई चीनी मिल परिसर में बनी अस्थाई गोशाला में खानपान की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई छुट्टा मवेशी मरने की कगार पर हैं। क्षेत्रीय लोगों ने पशुपालन और प्रशासन से पशुओं के खानपान की व्यवस्था करने की मांग की।
जिले में छुट्टा मवेशियों से किसानों को हो रही मुसीबत को देखते हुए प्रशासन की ओर से कई स्थानों पर अस्थाई गोशालाएं बनवाई गई हैं। उसी क्रम में दी सहकारी चीनी मिल परिसर में करीब 20 बीघे का एक बाड़ा बनाया गया है। उसके अंदर छोटा तालाब खोदकर मवेशियों के लिए पानी पीने की तो व्यवस्था की गई है, लेकिन खाने के लिए समुचित चारा नहीं होने से मवेशियों को परेशान होना पड़ रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक बाड़े में करीब 200 से अधिक मवेशी आ चुके हैं, लेकिन उनके चारे की व्यवस्था नहीं हो सकी है। प्रधान संग आसपास के लोगों को आशंका सता रही है कि कुछ दिन पहले अमिलोरी के अस्थाई गोशाला के जैसे यहां भी मवेशियों की मौत न हो जाए। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक आईए खान ने बताया पशुओं के खाने पीने और उनके रखरखाव के लिए एक करोड़ रुपये आ चुका है। बाड़े में रहने वाले प्रति पशु हर रोज 30 रुपये देने की व्यवस्था है। जिलाधिकारी से अनुमति के बाध्य बजट भेजा जाएगा।
जिले में छुट्टा मवेशियों से किसानों को हो रही मुसीबत को देखते हुए प्रशासन की ओर से कई स्थानों पर अस्थाई गोशालाएं बनवाई गई हैं। उसी क्रम में दी सहकारी चीनी मिल परिसर में करीब 20 बीघे का एक बाड़ा बनाया गया है। उसके अंदर छोटा तालाब खोदकर मवेशियों के लिए पानी पीने की तो व्यवस्था की गई है, लेकिन खाने के लिए समुचित चारा नहीं होने से मवेशियों को परेशान होना पड़ रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक बाड़े में करीब 200 से अधिक मवेशी आ चुके हैं, लेकिन उनके चारे की व्यवस्था नहीं हो सकी है। प्रधान संग आसपास के लोगों को आशंका सता रही है कि कुछ दिन पहले अमिलोरी के अस्थाई गोशाला के जैसे यहां भी मवेशियों की मौत न हो जाए। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक आईए खान ने बताया पशुओं के खाने पीने और उनके रखरखाव के लिए एक करोड़ रुपये आ चुका है। बाड़े में रहने वाले प्रति पशु हर रोज 30 रुपये देने की व्यवस्था है। जिलाधिकारी से अनुमति के बाध्य बजट भेजा जाएगा।
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