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शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 62 हजार ने किया आवेदन
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:45 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
प्रदेश सरकार की शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में फीस वापसी के लिए जिले के 62 हजार छात्र-छात्राओं ने आनलाइन आवेदन किया है। इसमें हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक संग उच्च कक्षाओं के छात्र-छात्राएं शामिल है। ऑनलाइन आवेदन के बाद समाज कल्याण विभाग स्कूलों के माध्यम से सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेज रहा है। दिसंबर और जनवरी तक शासन स्तर से सत्यापन होने के बाद छात्र-छात्राओं को फरवरी के पहले सप्ताह में फीस वापस होगी।
कक्षा नौंवी, दसवीं, 11वीं, 12वीं, स्नातक, परास्नातक, आईआईटी समेत अन्य उच्च कक्षाओं में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में राहत देने के लिए सरकार शुल्क प्रतिपूर्ति योजना चला रही है। इसके तहत, स्कूल या संस्थानों में फीस जमा करने के बाद छात्र-छात्राएं फीस वापसी के लिए आवेदन करते हैं। सत्यापन होने के बाद शासन से छात्र-छात्राओं को तय फीस को वापस किया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का फीस तकनीकी खामियों के चलते नहीं मिल पाता। वित्तीय वर्ष 2017-18 जिले के 62 हजार छात्र-छात्राओं ने आनलाइन आवेदन किया है। जिसमें नौवीं, दसवीं के 22 हजार 998, 11वीं-12वीं के 21 हजार 906 और स्नातक की विभिन्न कक्षाओं के 18 हजार 186 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि जुलाई से नवंबर तक छात्र-छात्राओं ने आनलाइन आवेदन किया। अब स्कूलों की ओर से सत्यापन कर हार्डकापी उपलब्ध कराई जा रही है। उसके बाद शासन स्तर से चयनित समिति सत्यापन करेगी और उसके बाद छात्र-छात्राओं का पैसा वापस होगा। उन्होंने कहा कि शासन से तय धनराशि सीधे छात्र-छात्राओं के खाते में ही भेजा जाएगा।
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प्रदेश सरकार की शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में फीस वापसी के लिए जिले के 62 हजार छात्र-छात्राओं ने आनलाइन आवेदन किया है। इसमें हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक संग उच्च कक्षाओं के छात्र-छात्राएं शामिल है। ऑनलाइन आवेदन के बाद समाज कल्याण विभाग स्कूलों के माध्यम से सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेज रहा है। दिसंबर और जनवरी तक शासन स्तर से सत्यापन होने के बाद छात्र-छात्राओं को फरवरी के पहले सप्ताह में फीस वापस होगी।
कक्षा नौंवी, दसवीं, 11वीं, 12वीं, स्नातक, परास्नातक, आईआईटी समेत अन्य उच्च कक्षाओं में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में राहत देने के लिए सरकार शुल्क प्रतिपूर्ति योजना चला रही है। इसके तहत, स्कूल या संस्थानों में फीस जमा करने के बाद छात्र-छात्राएं फीस वापसी के लिए आवेदन करते हैं। सत्यापन होने के बाद शासन से छात्र-छात्राओं को तय फीस को वापस किया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का फीस तकनीकी खामियों के चलते नहीं मिल पाता। वित्तीय वर्ष 2017-18 जिले के 62 हजार छात्र-छात्राओं ने आनलाइन आवेदन किया है। जिसमें नौवीं, दसवीं के 22 हजार 998, 11वीं-12वीं के 21 हजार 906 और स्नातक की विभिन्न कक्षाओं के 18 हजार 186 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि जुलाई से नवंबर तक छात्र-छात्राओं ने आनलाइन आवेदन किया। अब स्कूलों की ओर से सत्यापन कर हार्डकापी उपलब्ध कराई जा रही है। उसके बाद शासन स्तर से चयनित समिति सत्यापन करेगी और उसके बाद छात्र-छात्राओं का पैसा वापस होगा। उन्होंने कहा कि शासन से तय धनराशि सीधे छात्र-छात्राओं के खाते में ही भेजा जाएगा।
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