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18 घंटे से सौ गांवों में बिजली गुल
भदोही/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 11 May 2016 01:10 AM IST
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बिजली गुल
- फोटो : अमर उजाला
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विद्युत उपकेंद्र का स्पाउट जल जाने के चलते इससे जुड़े करीब 100 गांवों की बिजली आपूर्ति 18 घंटे से ठप है। इससे भीषण गर्मी में हजारों लोग जहां बिजली-पानी बिन बिलबिला गए, वहीं किसानों की खेतीबारी भी प्रभावित हुई है। हालांकि विभागीय दावा है कि फाल्ट को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा। वहीं ग्रामीणों की मानें तो उपकेंद्र इतने बदहाल और जर्जर अवस्था में हैं कि खराबी दुरुस्त भी हो पाएगी कि नहीं इसमें संशय है।
सीतामढ़ी स्थित 35/11 विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के लगभग सौ गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। सोमवार की रात करीब तीन बजे अचानक उपकेंद्र का स्पाउट जल गया। इससे कोनिया और कोइरौना क्षेत्र के सीतामढ़ी, नारेपार, बारीपुर, फुलवरिया, कुड़वा, मनोहरपुर, मझगवां, भावापुर, भीखीपुर, बनकट, डीघ, कटरा बाजार, धरिहदपुर, अरई, करवधिया, खेमापुर, दुगना, इटहरा, कूड़ी कला, कूड़ी खुर्द, मवैयाथान सिंह, बसगोती मवैया, शेरपुर, बहपुरा, धनतुलसी, भदरांव, छेछुआ-भुर्रा सहित सौ गांवों में अंधेरा छा गया। जहां लोग 40 डिग्री तापमान की गर्मी में उबल गए वहीं पेयजल और सिंचाई भी प्रभावित हो गई।
हालत यह हो गई है कि लोग मोबाइल चार्ज करने तक को परेशान हैं। रही बात पानी की तो बिजली न होने से पेयजलापूर्ति पर भ्ाी असर पड़ रहा है। ट्यूबवेल नहीं चल पाने के कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही। वहीं विद्युत से चलने वाले उद्योग भी ठप पड़ गए हैं। उपकेंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि उपकेंद्र की इनकमिंग ट्रॉली भी खराब हो गई है।
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नारेपार निवासी श्याम बहादुर सिंह, कलातुलसी निवासी आदर्श पांडेय ने कहा कि बिजली समस्या आए दिन की कहानी बन गई है। शेरपुर के ओम प्रकाश दुबे और बनकट के गोरेलाल मिश्रा ने कहा कि सब्जियों की सिंचाई का समय चल रहा है, लेकिन बिजली के चलते सब ठप है। उपकेंद्र के जर्जर उपकरणों को बदलकर नया लगाने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि उपकेंद्र में लगे जर्जर उपकरण आए दिन खराब होते रहते हैं। इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ता है।
इस संबंध में एसडीओ अनभूल प्रसाद ने कहा कि ठेकेदार को समस्या के बारे में बता दिया गया। जल्द ही उसे दुरुस्त कर लिया जाएगा।
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सीतामढ़ी स्थित 35/11 विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के लगभग सौ गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। सोमवार की रात करीब तीन बजे अचानक उपकेंद्र का स्पाउट जल गया। इससे कोनिया और कोइरौना क्षेत्र के सीतामढ़ी, नारेपार, बारीपुर, फुलवरिया, कुड़वा, मनोहरपुर, मझगवां, भावापुर, भीखीपुर, बनकट, डीघ, कटरा बाजार, धरिहदपुर, अरई, करवधिया, खेमापुर, दुगना, इटहरा, कूड़ी कला, कूड़ी खुर्द, मवैयाथान सिंह, बसगोती मवैया, शेरपुर, बहपुरा, धनतुलसी, भदरांव, छेछुआ-भुर्रा सहित सौ गांवों में अंधेरा छा गया। जहां लोग 40 डिग्री तापमान की गर्मी में उबल गए वहीं पेयजल और सिंचाई भी प्रभावित हो गई।
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हालत यह हो गई है कि लोग मोबाइल चार्ज करने तक को परेशान हैं। रही बात पानी की तो बिजली न होने से पेयजलापूर्ति पर भ्ाी असर पड़ रहा है। ट्यूबवेल नहीं चल पाने के कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही। वहीं विद्युत से चलने वाले उद्योग भी ठप पड़ गए हैं। उपकेंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि उपकेंद्र की इनकमिंग ट्रॉली भी खराब हो गई है।
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नारेपार निवासी श्याम बहादुर सिंह, कलातुलसी निवासी आदर्श पांडेय ने कहा कि बिजली समस्या आए दिन की कहानी बन गई है। शेरपुर के ओम प्रकाश दुबे और बनकट के गोरेलाल मिश्रा ने कहा कि सब्जियों की सिंचाई का समय चल रहा है, लेकिन बिजली के चलते सब ठप है। उपकेंद्र के जर्जर उपकरणों को बदलकर नया लगाने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि उपकेंद्र में लगे जर्जर उपकरण आए दिन खराब होते रहते हैं। इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ता है।
इस संबंध में एसडीओ अनभूल प्रसाद ने कहा कि ठेकेदार को समस्या के बारे में बता दिया गया। जल्द ही उसे दुरुस्त कर लिया जाएगा।